Dr. Sanjay Kumar, Dr. Bhupendra Singh and Dr. Neelam Kumari
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डॉ. संजय कुमार को उनके द्वारा किये गये शोध कार्य के आधार पर विजिटिंग फेलो से विजिटिंग प्रोफेसर नियुक्त किया गया है। डॉ. संजय 2015 से यूएसआई के विजिटिंग फेलो थे। डॉ. संजय कुमार के अभी तक 114 शोध पत्र, 52 प्रकाशित पुस्तकें, 10 रिसर्च प्रोजेक्ट्स और उनके निर्देशन में 32 शोधार्थियों को पीएचडी डिग्री अवार्ड हो चुकी हैं। वहीं विजिटिंग फेलो बने डॉ. भूपेन्द्र सिंह के 40 शोध पत्र और 55 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। जबकि डॉ. नीलम कुमारी के अभी तक 48 शोध पत्र, 21 प्रकाशित पुस्तकें, 02 शोध परियोजना पूर्ण हो चुके हैं। वहीं उनका h-index factor -10 है। डॉ. नीलम कुमारी को मल्टीडिसिप्लिनरी शोध कार्य के लिए विजिटिंग फेलो बनाया गया है। डॉ. नीलम कुमारी यूएसआई के साथ सहयोग से शोध परियोजना आत्म निर्भर भारत अभियान पर भी कार्य कर रही हैं। इस परियोजना में यूएसआई कंसलटेंट की भूमिका में सहयोग कर रहा है। डॉ. नीलम कुमारी का एक उच्च स्तरीय शोध पत्र जुलाई माह के यूएसआई जर्नल में भी प्रकाशित हुआ है। यूएसआई जर्नल एशिया का सबसे पुराना रिसर्च जर्नल है।
खास बात यह है कि यूएसआई ने पूरे भारत वर्ष में पहली बार किसी महाविद्यालय के तीन टीचर्स को ये उपाधि प्रदान की है। इससे पहले सिर्फ डॉ. संजय कुमार को 2015 में विजिटिंग फेलो नियुक्त किया था। यूएसआई ये उपाधि अभी तक भारतीय सशत्र सेना के उच्च अधिकारियों को उनकी सेवा उपलब्धि और शैक्षिक कार्यों हेतु प्रदान करती थी। मेरठ कॉलेज द्वारा किये जा रहे उच्च स्तरीय शोध कार्य को देखते हुए यूएसआई ने ये निर्णय लिया है। यूएसआई राष्ट्रीय सुरक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में अनुसंधान के लिए केंद्र संचालित करता है। यह अपने सदस्यों द्वारा किए गए शोध और अध्ययन के आधार पर शोध पत्र, मोनोग्राफ प्रकाशित करता है।