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उपलब्धि: यूएसआई संस्थान पहली बार देगा मेरठ कॉलेज के तीन शिक्षकों को विजिटिंग प्रोफेसर और विजिटिंग फेलो की उपाधि

Fri, 08 Jul 2022 03:19 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

यूनाइटेड सर्विस इंस्टीट्यूशन ऑफ इंडिया की स्थापना 1870 में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मुद्दों की जांच, अनुसंधान और विश्लेषण करने के लिए की गई थी। यूएसआई सशस्त्र बलों के लिए अनुकरण अभ्यास और पाठ्यक्रम आयोजित करता है। एक त्रैमासिक पत्रिका प्रकाशित करता है, जिसके 15,000 सदस्य हैं...
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United Service Institution of India - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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मेरठ कॉलेज के रक्षा अध्ययन विभाग के तीन प्रोफेसरों को यूनाइटेड सर्विस इंस्टीट्यूशन ऑफ इंडिया (USI) में विजिटिंग प्रोफेसर बनाया गया है। रक्षा अध्ययन विभाग के साथ यूएसआई का मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग है, जिसके तहत उच्च कोटि के शोध कार्यों के आधार पर मेरठ कॉलेज के तीन टीचर्स को विजिटिंग प्रोफ़ेसर, विजिटिंग फेलो की उपाधि यूएसआई प्रदान करेगी। 2022 के लिए जिन तीन नामों का चयन किया गया है, उनमें रक्षा अध्ययन विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. संजय कुमार हैं, जिन्हें विजिटिंग फेलो से प्रमोशन देकर विजिटिंग प्रोफेसर बनाया गया है। उनके अलावा कॉलेज के गणित विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ भूपेंद्र सिंह और रसायन विज्ञान विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ नीलम कुमारी हैं, जिन्हें विजिटिंग फेलो बनाया गया है। इसी महीने एक समारोह में यूएसआई के डायरेक्टर जनरल मेजर जनरल वीके शर्मा इन्हें नियुक्ति पत्र प्रदान करेंगे। इन सभी शिक्षकों को यूएसआई के सभी अकादमिक कार्यों में सहयोग करने के साथ-साथ सक्रिय सहभागिता भी करनी है। यूएसआई ने देश में पहली बार किसी महाविद्यालय के तीन टीचर्स को ये उपाधि प्रदान की है।

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जारी विज्ञप्ति के मुताबिक यूनाइटेड सर्विस इंस्टीट्यूशन ऑफ इंडिया की स्थापना 1870 में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मुद्दों की जांच, अनुसंधान और विश्लेषण करने के लिए की गई थी। यूएसआई सशस्त्र बलों के लिए अनुकरण अभ्यास और पाठ्यक्रम आयोजित करता है। एक त्रैमासिक पत्रिका प्रकाशित करता है, जिसके 15,000 सदस्य हैं। यूएसआई राष्ट्रीय सुरक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में अनुसंधान के लिए केंद्र संचालित करता है। यूएसआई जर्नल, 1872 से त्रैमासिक रूप से प्रकाशित, एशिया की सबसे पुरानी रिसर्च जर्नल  है। यह अपने सदस्यों द्वारा किए गए शोध और अध्ययन के आधार पर शोध पत्र, मोनोग्राफ प्रकाशित करता है।

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Dr. Sanjay Kumar, Dr. Bhupendra Singh and Dr. Neelam Kumari - फोटो : Amar Ujala
डॉ. संजय कुमार को उनके द्वारा किये गये शोध कार्य के आधार पर विजिटिंग फेलो से विजिटिंग प्रोफेसर नियुक्त किया गया है। डॉ. संजय 2015 से यूएसआई के विजिटिंग फेलो थे। डॉ. संजय कुमार के अभी तक 114 शोध पत्र, 52 प्रकाशित पुस्तकें, 10 रिसर्च प्रोजेक्ट्स और उनके निर्देशन में 32 शोधार्थियों को पीएचडी डिग्री अवार्ड हो चुकी हैं। वहीं विजिटिंग फेलो बने डॉ. भूपेन्द्र सिंह के 40 शोध पत्र और 55 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। जबकि डॉ. नीलम कुमारी के अभी तक 48 शोध पत्र, 21 प्रकाशित पुस्तकें, 02 शोध परियोजना पूर्ण हो चुके हैं। वहीं उनका h-index factor -10 है।  डॉ. नीलम कुमारी को मल्टीडिसिप्लिनरी शोध कार्य के लिए विजिटिंग फेलो बनाया गया है। डॉ. नीलम कुमारी यूएसआई के साथ सहयोग से शोध परियोजना आत्म निर्भर भारत अभियान पर भी कार्य कर रही हैं। इस परियोजना में यूएसआई कंसलटेंट की भूमिका में  सहयोग कर रहा है। डॉ. नीलम कुमारी का एक उच्च स्तरीय शोध पत्र जुलाई माह के यूएसआई जर्नल में भी प्रकाशित हुआ है। यूएसआई जर्नल एशिया का सबसे पुराना रिसर्च जर्नल है।
 
खास बात यह है कि यूएसआई ने पूरे भारत वर्ष में पहली बार किसी महाविद्यालय के तीन टीचर्स को ये उपाधि प्रदान की है। इससे पहले सिर्फ डॉ. संजय कुमार को 2015 में विजिटिंग फेलो नियुक्त किया था। यूएसआई ये उपाधि अभी तक भारतीय सशत्र सेना के उच्च अधिकारियों को उनकी सेवा उपलब्धि और शैक्षिक कार्यों हेतु प्रदान करती थी। मेरठ कॉलेज द्वारा किये जा रहे उच्च स्तरीय शोध कार्य को देखते हुए यूएसआई ने ये निर्णय लिया है। यूएसआई राष्ट्रीय सुरक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में अनुसंधान के लिए केंद्र संचालित करता है। यह अपने सदस्यों द्वारा किए गए शोध और अध्ययन के आधार पर शोध पत्र, मोनोग्राफ प्रकाशित करता है।
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