माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों ने बुधवार दोपहर तक इमरजेंसी के बाहर धरना दिया। शाम को जूनियर डॉक्टर ड्यूटी पर लौट आए। इमरजेंसी में कार्य करने लगे। दिन में सीनियर डॉक्टरों ने इमरजेंसी की व्यवस्था संभाले रखी।
प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता ने बताया कि मेडिकल में इमरजेंसी की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता कर दी गई है। पुलिसकर्मियों की राउंड द क्लॉक ड्यूटी रहेगी, इसके अलावा पूर्व सैनिक सुरक्षाकर्मी के तौर पर नियुक्त किए गए हैं। 24 सीसीटीवी कैमरे संचालित हैं। एक कैमरा खराब था, उसे ठीक करा दिया गया है। जूनियर डॉक्टर अब संतुष्ट हैं।
रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन की अध्यक्ष डॉ. साक्षी ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था ठीक करने पर जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल वापस ले ली है। हालांकि डॉ. मनीष पर हमला करने वाले आरोपी की गिरफ्तारी की उनकी मांग जारी रहेगी। पुलिस ने उसकी जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है।
जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से मंगलवार को इमरजेंसी की चिकित्सा व्यवस्था चरमरा गई थी। सीनियर डॉक्टर और इंटर्न व्यवस्था बनाने में लगाए हुए थे, मगर व्यवस्था नहीं बन पा रही थी। इमरजेंसी में जूनियर डॉक्टरों की बड़ी भूमिका रहती है। मेडिकल में करीब 400 जेआर हैं। मंगलवार रात इनके वापस ड्यूटी पर लौटने की सहमति बन गई थी। हालांकि सुबह उन्होंने धरना दिया, शाम को तय किया कि ड्यूटी करेंगे। उन्होंने सामूहिक इस्तीफा भी दिया था, लेकिन उसे स्वीकार नहीं किया गया।
यह है मामला
मवाना के भैंसा निवासी कविता (46) का पीएल शर्मा जिला अस्पताल में गर्भाशय का ऑपरेशन हुआ था, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें सोमवार रात मेडिकल कॉलेज लाया गया था, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। इस पर महिला के बेटे ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया और इंटर्न को पीटने लगा। जूनियर डॉक्टर मनीष इंटर्न को बचाने आए तो महिला के पुत्र ने मनीष के सिर में ऑक्सीजन सिलिंडर खोलने वाली रिंच मार दी, जिससे उनका सिर फूट गया था। इससे नाराज जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए। उन्होंने इमरजेंसी के गेट पर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान उनकी तीमारदारों से कहासुनी भी हुई थी। एक तीमारदार को पीटा भी था।