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Exclusive: अंडर 19 में चयनित क्रिकेट के सूरमा प्रियम और समीर से अमर उजाला की खास बातचीत

Tue, 11 Jun 2019 04:25 PM IST
Dimple Sirohi वाहिद अली, अमर उजाला, मेरठ
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राहुल द्रविड़ के साथ प्रियम गर्ग - फोटो : अमर उजाला
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सफलता के आसमान पर छाने को तैयार प्रियम, समीर और पूर्णांक अंडर-19 भारतीय क्रिकेट टीम में मेरठ के तीन खिलाड़ियों ने जगह बनाकर जिले का नाम रोशन किया है। मेरठ के प्रियम गर्ग बतौर कप्तान चुने गए हैं।

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इसके अलावा समीर रिजवी को बतौर बल्लेबाज और पूर्णांक त्यागी को प्रमुख गेंदबाज के तौर पर शामिल किया गया। कप्तान प्रियम और बल्लेबाज समीर ने अमर उजाला के साथ खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने अपनी सफलता के राज खोले। साथ ही क्रिकेट में आगे बढ़ने के लिए जरूरी बिंदुओं पर अपनी राय रखी-

बेहतरीन प्रदर्शन बना चयन का आधार 
प्रियम, पूर्णांक और समीर का चयन होने के बाद परिजनों में जश्न का माहौल है। बीसीसीआई ने रविवार को तीनों के चयन की सूची जारी की थी। तीनों खिलाड़ी 21 जुलाई से इंग्लैंड में आयोजित त्रिकोणीय श्रृंखला में हिस्सा लेंगे। श्रृंखला में इंग्लैंड, बांग्लादेश और भारत की टीमें शामिल हैं।
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प्रियम गर्ग अपने परिवार में पांच भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं, जबकि समीर चार भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं। समीर से जुड़ी एक खास बात है कि वह टीम में सबसे कम उम्र के खिलाड़ी हैं। वह यूपी अंडर- 16 टीम के कप्तान भी हैं।

प्रियम इस सफलता का श्रेय किसे देना चाहेंगे ?
परिवार में सबसे छोटा हूं। इस कारण सभी का बहुत प्यार मिला। पापा और बड़ी बहनों ने हमेशा क्रिकेट के लिए प्रोत्साहित किया। आर्थिक स्थिति मजबूत न होने के बावजूद कभी किसी चीज की कमी नहीं होने नहीं दी। मेरे कोच संजय रस्तोगी ने भी हमेशा सही मार्गदर्शन किया।
 
पहली बार इंग्लैंड की धरती पर खेलेंगे, क्या दबाव महसूस हो रहा है? 
इससे पहले श्रीलंका के मैदानों पर खेल चुका हूं। इंग्लैंड का यह मेरा पहला दौरा होगा। पिचों को समझने में ज्यादा समय नहीं लगता है। बतौर बल्लेबाज अच्छा प्रदर्शन कर टीम को जीत दिलाने का पूरा प्रयास करूंगा। 

खेल और पढ़ाई के बीच कैसे सामंजस्य बैठाया? 
मैंने सातवीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। अक्सर स्कूल के बाद क्रिकेट ही खेलता रहता था। पापा का दबाव पढ़ाई को लेकर ज्यादा रहता था। कई बार डांट भी पड़ी। जब उन्होंने देखा कि क्रिकेट में आगे बढ़ रहा हूं, तो भामाशाह पार्क में प्रशिक्षण के लिए भेज दिया। 

प्रतिदिन कितने घंटे अभ्यास किया?
मैचों के अतिरिक्त आप जितने घंटे अभ्यास करेंगे, वही आपको मजबूत बनाता है। मेरा प्रयास रहता है कि मैं ज्यादा से ज्यादा अभ्यास करूं। मैं प्रतिदिन चार से पांच घंटे अभ्यास करता हूं। 

बतौर कप्तान टीम को लीड करने पर दबाव तो नहीं होगा?
टीम के लिए कप्तानी करना बड़ी जिम्मेदारी है, लेकिन बल्लेबाजी का इस पर कोई असर नहीं पड़ता। खेलते समय एक जुनून होता है कि किसी भी तरह टीम को जिताना है। हमारे पास अच्छे ऑलराउंडर और अच्छे गेंदबाज हैं। जो टीम को जिताने में अहम भूमिका निभायेंगे। 

क्रिकेट में किसको आदर्श मानते हैं?
भामाशाह पार्क के कोच संजय रस्तोगी ने मेरे जीवन में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनको अपना आदर्श मानकर मैं मैदान पर बल्लेबाजी करने उतरता हूं। 

प्रियम गर्ग का रिकॉर्ड 
सूरत में आयोजित प्रतियोगिता में 7 मैचों में 340 रन, जिनमें दो शतक जड़े। 
रणजी मैच में यूपी की ओर से 10 मैचों में 814 रन, एक शतक, 4 अर्द्धशतक।
अंडर-19 वर्ग में 8 मैच 600 रन, जिसमें तीन शतक, दो अर्द्धशतक।

समीर रिजवी - फोटो : अमर उजाला
समीर रिजवी-
कॅरियर के लिए क्रिकेट को ही क्यों चुना ?
मेरे मामा तनकीब अख्तर गांधीबाग में कोच हैं। उन्होंने पांच साल की उम्र में मैदान पर ले जाना शुरू कर दिया था। सचिन तेंदुलकर को देखकर क्रिकेट में आगे बढ़ा हूं। क्रिकेट में आज आईपीएल जैसे अन्य विकल्प मौजूद हैं। इससे क्रिकेटरों के लिए रोजगार की समस्या खत्म हो गई है। 

मेरठ ने निकलकर प्रवीण कुमार और भुवनेश ने भी नाम कमाया, क्या इनका प्रभाव पड़ा?
पहले मेरठ से प्रवीण कुमार ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बड़ा नाम कमाया। उसके बाद भुवनेश्वर कुमार ने भी दिग्गज बल्लेबाजों को खूब छकाया। वह तो विश्वकप में भी खेल रहे हैं। चयनकर्ताओं ने जो विश्वास जताया है। उस पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करूंगा।

बल्लेबाजी या गेंदबाजी में से कैरियर के लिए किसका चयन किया?
सचिन तेंदुलकर व वीरेंद्र सहवाग को बल्लेबाजी करते देखता था, तो बचपन से ही बल्लेबाजी का प्रेक्टिस की। गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों ही सफलता के लिए महत्वपूर्ण हैं। बॉलिंग भी मेरी प्रेक्टिस का एक हिस्सा है। 
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पढ़ाई और क्रिकेट में से किसे अधिक समय दिया?
पढ़ाई की अपेक्षा खेलों को अधिक समय दिया। यही कारण रहा कि इस बार दसवीं की परीक्षा छूट गई। मैं क्रिकेट खेलने बाहर गया था। दो ही पेपर दे पाया। दसवीं में दोबारा से एडमिशन लिया है। इस बार मेहनत कर पढ़ाई पूरी करने का भी प्रयास करूंगा। 

एक क्रिकेटर के लिए क्या महत्वपूर्ण है?
एक अच्छे क्रिकेटर के लिए उसकी फिटनेस सबसे जरूरी है। अच्छी फिटनेस के लिए प्रतिदिन अभ्यास और उचित व्यायाम करने चाहिए। खिलाड़ी को डाइट भी अच्छी और उचित लेनी चाहिये। कभी तनाव नहीं लेना चाहिये।   

क्रिकेट में किसे अपना आदर्श मानते हैं?  
रोहित शर्मा को अपना आदर्श मानता हूं। मैं उनकी तरह ही एक अच्छा बल्लेबाज बनना चाहता हूं।

समीर रिजवी का रिकॉर्ड 
सूरत में आयोजित प्रतियोगिता में 8 मैचों में 336 रन, एक शतक, 2 अर्द्धशतक।
कूच विहार ट्रॉफी अंडर-19 वर्ग में 8 मैचों में 600 रन, 2 शतक, 4 अर्द्धशतक।
अंडर-16 में विजय मर्चेंट ट्रॉफी में 5 मैचों में 600 रन, 3 शतक।  
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