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‘इश्क सुभान अल्लाह’ पर उलमा के तीखे बोल... यूट्यूब पर छाया ट्रेलर

Tue, 13 Mar 2018 07:54 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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‘इश्क सुभान अल्लाह’ सीरियल
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एक टीवी चैनल पर बुधवार से शुरू होने वाले धारावाहिक ‘इश्क सुभान अल्लाह‘ पर उलमा के तीखे बोल हैं। उलमा संगठनों ने सीरियल को लेकर कड़ी आपत्ति जाहिर की है। सीरियल में तीन तलाक को कहानी बनाकर मनोरंजन में पिरोया गया है, इससे उलमा नाइत्तेफाकी रखते हैं। शरीयत बोर्ड के अध्यक्ष, इमाम संगठन और जमीयत उलमा-ए-हिंद ने भी सीरियल पर सवाल खड़े किए हैं। मुजफ्फरनगर में उलमा का साफ रुख है कि इस तरह से धार्मिक मुद्दों को लेकर धारावाहिक बनाए जाने गलत हैं। मामले में उलमा दारुल उलूम से राय लेंगे, उसके बाद अगला कदम उठाया जाएगा। सीरियल का यू-ट्यूब पर ट्रेलर छाया हुआ है।

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तीन तलाक के मुद्दे पर सड़क से संसद तक देशभर में हल्ला मचा है। मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट भी अपनी राय रख चुका है। एक साथ तीन तलाक बोलने वालों पर कानूनी शिकंजा कसने के लिए केंद्र सरकार कानून बना चुकी है। हालांकि केंद्र के कानून पर उलमा एकमत नहीं है। अब इस मुद्दे को टीवी सीरियल के जरिये भुनाया जा रहा है। प्रोड्यूसर धीरज कुमार इस धारावाहिक को प्रस्तुत कर रहे हैं। जिले में शरीयत बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना इरफान ने कहा कि इस तरह से नाटक, सीरियल बनना या बनाया जाना पूरी तरह से गलत है। यह एक मजहब के अंदरूनी किस्सों, वाकयों और कानून का मजाक बनाने वाली हरकत है। केंद्र सरकार ऐसे सीरियलों पर रोक लगाए। हालांकि मामले में अन्य उलमा के साथ बैठक कर राय-मशविरा किया जाएगा। 

उप्र इमाम संगठन के प्रदेशाध्यक्ष मुफ्ती जुल्फिकार ने कहा कि तीन तलाक पर बनने वाले नाटक का पता लगा है, पहले इसे देखा जाएगा। इसमें किस तरह से कहानी है और क्या किरदार हैं। उसके बाद इमाम संगठन इस मामले में अपनी कार्रवाई को अंजाम देगा, लेकिन तलाक, हलाला, निकाह और अन्य रस्म-रिवाज इस्लाम धर्म में पैगंबर मोहम्मद साहब के समय से हैं। एक साथ तीन तलाक की इस्लाम धर्म में कोई गुंजाइश नहीं है।
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पढ़ें : देवबंदः तीन तलाक बिल के खिलाफ सड़क पर उतरी मुस्लिम महिलाएं, कानून रद्द करने की मांग

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‘इश्क सुभान अल्लाह’
जमीयत उलमा-ए-हिंद के जिला महासचिव कारी जाकिर हुसैन ने कहा कि सीरियल बनाने हैं तो अन्य मुद्दे भी बहुत हैं। समाज की शिक्षा, गरीबी के साथ बेटियों की शिक्षा, समान अधिकार आदि पर बनाए जाएं। धार्मिक मसलों पर किसी को भी इस तरह से किस्से, कहानी सीरियल बनाने का कोई अधिकार नहीं है। सीरियल की कहानी को दिखवाया जा रहा है। उसके बाद संगठनात्मक रूप से कार्य किया जाएगा। 

सीरियल की थीम 
सीरियल में जो किरदार रखे गए हैं, उनमें लड़की को खुले विचार और लड़के को धार्मिक रस्मो-रिवाज का पाबंद दिखाया गया है। दोनों की शादी के बाद तलाक का किस्सा है, जो तीन तलाक पर है। इसमें एक महिला को तीन तलाक के बाद दोनों की जिंदगी और कार्य को दर्शाया जा रहा है। 
 
यूट्यूब पर छाया ट्रेलर 
सीरियल का यू-ट्यूब पर ट्रेलर छाया हुआ है। फसाद के बीच महिला का मदद के लिए मस्जिद में घुसना, मौलवियों को मशविरा आदि देने का वीडियो खूब देखा जा रहा है।

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