18 मार्च से माता के नवरात्र शुरू हो रहे हैं। शक्ति की भक्ति के लिए बाजारों में तैयारियां चल रही हैं। बाजार में माता के पूजन, व्रत सामग्री व कन्याओं को उपहार में देने वाले सामान सजने लगे हैं। मप्र, राजस्थान, बस्तर के अंदरूनी आदिवासी इलाकों से सूखे सिंघाड़े, व्रत के चावल और कुट्टू का आटा व्यापारियों के पास आ चुका है। व्यापारी इस सूखे सामान से चौलाई के लड्डू, कुट्टू आटा, सिंघाड़ा आटा तैयार कराएंगे। तैयार आटे व लड्डूओं की पैकिंग कर उन्हें नवरात्र पर बेचा जाएगा। माता को चढ़ने वाली चुन्नी और झंडे भी तैयार हो चुके हैं। शहर में आबूलेन, सदर, सेंट्रल मार्केट, पीएल शर्मा रोड, शारदा रोड बाजार, बेगमपुल बाजार, पांडव नगर के प्रमुख बाजारों में दुकानों पर नवरात्र के सामान सज चुके हैं।
पूजन, खाद्य और गिफ्ट का सामान
बाजार में दुकानों पर नवरात्र में माता के पूजन-हवन के सामान से लेकर व्रत में खाने का सामान, कन्या पूजन में कन्याओं को देने वाले उपहार भी सजने लगे हैं। पूजन के सामान में हवन सामग्री, धूप, अगरबत्ती, छोटी बड़ी चुनरी (लाल, गुलाबी, नारंगी, हरे, काले, पीले, सात व पांच रंग), नारियल, सिंगार सामग्री, घी, तेल, जौ, तिल, सिंदूर, आलता, चूड़ी, काजल डिबिया, मेंहदी पैकेट, बिंदी, आम की लकड़ी, चंदन बुरादा, शीशा, इत्र, नवग्रह, सुपाड़ी, लौंग, इलायची, बताशे आदि हैं। व्रत में खाने वाले सामानों में सिंघाड़ा गिरी, सिंघाड़ा आटा, कुट्टू, कुटटू आटा, काली मिर्च, सेंधा नमक, इलायची, चौलाई लड्डू, आलू पापड़, चिप्स, साबूदाना पापड़, सामक चावल आदि हैं। खाने का सामान मप्र, राजस्थान व दक्षिण भारत के शहरों से आ रहा है। कन्याओं को देने के लिए प्लास्टिक, स्टील व कांच के सामान हैं।