बिजनौर के नगीना में मुस्लिम समुदाय की शादी में बारात का महिलाओं द्वारा स्वागत करने को गलत बताया गया। कहा गया कि महिलाओं द्वारा बारात का स्वागत करने पर नगर के उलमा कार्यक्रम का बहिष्कार करेंगे।
शादी व अन्य अवसरों पर होने वाली सामाजिक बुराइयों को दूर करने के इरादे से नगर के उलमाओं ने जामा मस्जिद में आयोजित बैठक में भाग लिया। उलमाओं ने कहा कि निकाह में मजहब की हिदायतों को दरकिनार किया जा रहा है। मजहब के नियम सभी पर लागू होते हैं और इनका सभी को बिना किसी दबाव के पालन करना चाहिए। बैठक में निकाह आदि में महिलाओं द्वारा बारात का स्वागत करने, निकाह आदि की वीडियोग्राफी व बारात में डीजे आदि बजाने को गलत बताया गया।
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उलमाओं ने एलान किया कि अगर कोई अपने यहां निकाह या अन्य कार्यक्रमों में यह करता है तो ऐसे कार्यक्रमों का नगर के उलमाओं द्वारा बहिष्कार किया जाएगा। कोई भी उलमा, मस्जिद का इमाम, हाफिज उस शादी में निकाह नहीं पढ़ाएगा। कोई उलमा, इमाम, हाफिज मदरसे के बच्चे भी ऐसे आयोजन में खाना नहीं खाएंगे।
तय हुआ कि नगर के प्रत्येक मोहल्ले में मस्जिदवार एक निगरानी कमेटी बनाई जाएगी। सभी बातों के प्रचार के लिए पम्प्लेट बांटे जाएंगे। बैठक में मुफ्ती मोहम्मद उवैस अकरम, मुफ्ती अबरार अहमद, मौलाना अनवार अहमद, मुफ्ती मुशाहिद हुसैन, कारी इमामुद्दीन, मुफ्ती अरशद, मौलाना खलीक, मुफ्ती फुजैल, मौलवी लईक, डा. शेख नगीनवी, सभासद डा.मुअज्जम रियाजी, डा अशद गालिब, अनमर महमूद, सैय्यद दिलशाद एडवोकेट, हनीफ मंसीरी, मकसूद उस्मानी, राशिद उस्मानी समेत भारी संख्या में लोग मौजूद रहें।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मौलाना निसार अहमद व संचालन मुफ्ती इल्यास अहमद ने की। बैठक का शुभारंभ मौलाना खलील अहमद की तिलावते कलामे पाक से हुआ।
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