संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। नगर के सिटी प्वाइंट पैलेस में महिलाओं की दीनी मजलिस आयोजित की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देना, समाज में फैल रही बुराइयों पर रोक लगाने और दीन व नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता पैदा करना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत कुरआन-ए-पाक की तिलावत से हुई। नात पेश की गई। विभिन्न स्थानों से आईं आलिमाओं ने अपने इस्लाही और तालीमी बयानों से महिलाओं का मार्गदर्शन किया। औरंगाबाद से आईं आलिमा रिजवाना ने कहा कि बेटियां किसी भी समाज की बुनियाद होती हैं। यदि उन्हें दीनी और दुनियावी तालीम से संवार दिया जाए तो आने वाली नस्लें भी सही दिशा में आगे बढ़ेंगी।
उन्होंने अभिभावकों से बेटियों की शिक्षा और परवरिश पर विशेष ध्यान देने की अपील की। कमालपुर से आलिमा कमरजहां साहिबा ने अच्छे आचरण, हया और इस्लामी जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने महिलाओं से घरों में धार्मिक वातावरण कायम रखने और बच्चों की सही परवरिश सुनिश्चित करने की बात कही।
जीनत महताब ने सामाजिक बुराइयों और बेपर्दगी से बचने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महिला यदि अपने चरित्र और आचरण को सुदृढ़ बना ले तो पूरा परिवार सही मार्ग पर चल सकता है। दारूल उलूम के शैखुल हदीस मुफ्ती खुर्शीद ने समाज में बढ़ रही बुराइयों, धार्मिक उदासीनता और आपसी फूट पर चिंता व्यक्त की। कार्यक्रम के समापन पर मौलाना मोईन अख्तर साहिब ने देश और दुनिया में अमन-चैन, तरक्की और खुशहाली के लिए विशेष दुआ कराई। इस मौके पर मोहतमिम मौलाना रिजवान, हाफिज सुजाउद्दीन, शाहवेज अंसारी, शाहरुख कुरैशी समेत मौजूद रहे।