परिजनों का आरोप -पंचायत में तय हुई 10 में से एक भी मांग पूरी नहीं की, जनप्रतिनिधि भी कर रहे अनदेखी
डीएवी कॉलेज के बाहर धरने पर बैठेंगे परिजन
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। छात्र उज्ज्वल राणा के आत्मदाह प्रकरण में न्याय न मिलने के कारण परिजनों व छात्रों में रोष है। आरोप है कि पंचायत में तय हुई दस में से एक भी मांग पूरी नही की गई। पांच आरोपियों की गिरफ्तारी अभी तक नही हुई। मृतक छात्र के चाचा सचिन राणा और बहन सलोनी राणा ने जन प्रतिनिधियों पर भी अनदेखी करने के आरोप लगाए। उन्होंने आठ दिसंबर से बुढ़ाना में डीएवी कॉलेज के बाहर बेमियादी आंदोलन का एलान किया है।
रुड़की रोड पर एक रेस्टोरेंट में छात्र उज्ज्वल राणा के चाचा सचिन राणा, बहन सलोनी राणा और छात्र नेता वीशू मलिक ने पत्रकारों से बात की।उन्होंने कहा कि उज्ज्वल की मौत के बाद डीएवी कॉलेज बुढ़ाना गेट पर हुई पंचायत में 10 मांगें रखी थी। उनमें से एक भी मांग पूरी नहीं की। प्रबंधक, तीन पुलिसकर्मी व एक अन्य की अभी तक गिरफ्तारी नही की गई। नेताओं ने पंचायत में साथ निभाने का वादा किया था, लेकिन अब कोई सामने नही आ रहा है।
उन्होंने कहा कि 8 दिसंबर से डीएवी कॉलेज बुढ़ाना के मुख्य गेट पर बेमियादी धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। बहन सलोनी राणा ने कहा कि उसका भाई उज्ज्वल छात्र हितों के लिए लड़ते हुए शहीद हुआ है। छात्र नेता वीशू मलिक ने कहा कि छात्र इस मामले में बड़ा आंदोलन चलाएंगे । इस दौरान मनीष कालखंडे, मोनू मलिक, अंकुर राठी, विजित तालियान, सार्थक लाठियान आदि मौजूद रहे।
यह था मामला-
डीएवी डिग्री कॉलेज बुढ़ाना में बीए के छात्र उज्ज्वल राणा की फीस जमा न होने पर प्राचार्य प्रदीप कुमार और अन्य शिक्षकों से 6 नवंबर को विवाद हुआ। 7 नवंबर को प्राचार्य व अन्य पर मारपीट और उत्पीड़न के आरोप लगाए गए। उज्ज्वल ने 8 नवंबर को कॉलेज परिसर में स्वयं पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली। उसकी वीडियो वायरल हुई। 9 नवंबर को सफदरजंग अस्पताल में छात्र की मौत हो गई। 10 नवंबर को डीएवी कॉलेज के सामने हंगामा व पंचायत हुई। जिसमें दस मांगों पर सहमति बनी। अभी तक प्राचार्य प्रदीप कुमार और पीटीआई संजीव कुमार की गिरफ्तारी ही हो पाई है। एसएसपी ने लापरवाही बरतने वाले दरोगा नंद किशोर और दो सिपाहियों ज्ञानवीर व विनीत कुमार को लाइन हाजिर किया था। तीनों पुलिसकर्मियों व गौरव नाम के युवक का नाम रिपोर्ट में बढ़ाने का आश्वासन दिया था। तीनों पुलिसकर्मियों सहित पांचों आरोपियों की अभी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
यह रखी थी मांग
सभी आरोपियों की गिरफ्तारी, प्रबंध समिति निरस्त कर नई कमेटी बनाने, कॉलेज भूमि की जांच, बुढ़ाना में उज्ज्वल राणा की प्रतिमा लगाने, परिवार से एक सदस्य को सरकारी नौकरी, सरकार से 15 लाख मुआवजा, उज्ज्वल के नाम पर कॉलेज का गेट और लाइब्रेरी में एक हॉल का नामकरण शामिल हैं।