बड़ौत/बिनौली। बरनावा गांव के जंगल में शिकारियों के लगाए हुए फंदे में शनिवार की रात को तेंदुआ फंस गया। वहां पहुंची वन विभाग व वाइल्ड लाइफ की टीम ने उसे पकड़ने के लिए बेहोश करने को ट्रेंकुलाइजर गन से इंजेक्शन लगाया तो वह फंदे से निकलकर भाग गया। इसके कई घंटे बाद ड्रोन से तलाश करने पर दो सौ मीटर दूर झाड़ के बीच में बने गड्ढे में पड़ा मिला। टीम उसे पकड़कर ले गई। बरनावा गांव के जंगल में किसान नरेश के खेत में रविवार की सुबह शिकारियों के लगाए हुए फंदे में तेंदुआ फंसा मिला। इसकी सूचना पर वन विभाग की टीम व पुलिस कर्मी वहां पहुंचे और उसे पांच घंटे तक ऐसे ही पकड़ने का प्रयास किया, मगर वह गुर्राने लगा तो किसी की उसे पकड़ने की हिम्मत नहीं हुई। इसके बाद डीएफओ मेरठ राजेश कुमार के साथ वन क्षेत्राधिकारी हस्तिनापुर रविकांत चौधरी, वाइल्ड लाइफ टीम के कमलेश, वन क्षेत्राधिकारी बड़ौत सुनेंद्र सिंह मौके पर पहुुंचे।
करीब दोपहर 12 बजे वाइल्ड लाइफ टीम ने ट्रेंकुलाइजर गन से तेंदुए को बेहोश करने का प्रयास किया तो तीन बार निशाना चूकने के बाद चौथा इंजेक्शन लगते ही तेंदुआ फंदे से निकलकर भाग गया। इससे वहां पर एकत्र भीड़ में भगदड़ मच गई। इसके बाद ड्रॉन के सहारे उसकी तलाश शुरू की गई तो वह तीन घंटे बाद करीब दो सौ मीटर दूर वन क्षेत्र में एक गड्ढे में बेहोशी की हालत में पड़ा मिला।
इसको कई जाल डालकर पकड़ा गया और वन विभाग की टीम उसे पिंजरे में बंद करके ले गई। इस तरह करीब आठ घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद उसे पकड़ा जा सका। तेंदुए की एक आंख नहीं थी। वन विभाग की ओर से खेत मालिक किसान नरेश के खिलाफ तहरीर दी गई है।
खेत मालिक के खिलाफ मुकदमा : वन दरोगा राहुल कुमार नैन ने बताया कि फिलहाल पकड़े गए तेंदुए को संतनगर नर्सरी में रखा गया है। स्वस्थ होने पर शाकुंभरी में स्थित मोहंड रेंज में तेंदुए को छोड़ा जाएगा। इस मामले में खेत मालिक नरेश के खिलाफ बिनौली थाने पर मुकदमा कराया गया है। उसके बयान लिए जाएंगे कि फंदा उसके खेत में शिकारियों ने लगाया था।0