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Meerut News: संपत्ति के लिए झगड़े दो बेटे, मां बोली- मेरे भी टुकड़े कर बांट लो

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मेरठ। दिन-शनिवार, समय-दोपहर 12:45 बजे। स्थान-कलक्ट्रेट मुख्यद्वार स्थित रजिस्ट्री कार्यालय। एक एंबुलेंस रुकी और लगभग 75 साल की महिला को स्ट्रेचर पर लेटाकर रजिस्ट्री कार्यालय में एक व्यक्ति और एक महिला ले जा रहे थे। इसी बीच एक व्यक्ति और एक महिला वहां पर पहुंच गए। दोनों ने रजिस्ट्री कार्यालय में स्ट्रेचर पर जाती बुजुर्ग महिला को रोक लिया। महिला की आंखों से आंसू निकले और वह धीमी आवाज में बोली, इससे अच्छा तो मेरे टुकड़े का आपस में बांट लो।
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ब्रह्मपुरी के इंद्रानगर निवासी दो भाइयों में करोड़ों की संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा है। संपत्ति 74 साल बुजुर्ग महिला के नाम है। महिला के दो बेटे व दो बेटियां हैं। चारों शादीशुदा हैं। बुजुर्ग महिला के नाम इंद्रानगर में एक 300 मीटर का मकान भी है। इस मकान को अपने नाम कराने के लिए बड़ा बेटा शनिवार को महिला को डॉक्टर के यहां ले जाने की बात कहकर एंबुलेंस में बैठाकर घर से ले आया। वह कलक्ट्रेट स्थित रजिस्ट्री कार्यालय पर पहुंचा और दस्तावेज तैयार करा लिए।
एक घंटे तक मां घर नहीं पहुंची तो छोटा बेटा अपनी पत्नी के साथ डॉक्टर के क्लीनिक में पहुंचा। डॉक्टर ने बताया कि उनकी मां वहां पर नहीं आईं हैं। इसके बाद छोटा बेटा मां को तलाशते हुए रजिस्ट्री कार्यालय में पहुंच गया। दस्तावेज पर बस बुजुर्ग महिला के अंगूठे लगना बाकी थे। यह सब देखकर छोटे बेटे व उसकी पत्नी ने हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने मां को रजिस्ट्री कार्यालय से बाहर लाकर एंबुलेंस में लेटा दिया।
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दोनों भाइयों के बीच गाली-गलौच होने लगी। छोटे का कहना था कि रजिस्ट्री किसी सूरत में नहीं होनी चाहिए, जबकि बड़ा बेटा रजिस्ट्री कराने पर अड़ा था। हंगामा होने पर कलक्ट्रेट मुख्यद्वार पर तैनात पुलिसकर्मी भी मौके पर पहुंच गए। छोटे बेटे की पत्नी दस्तावेज छीनकर ले आई और सास के साथ एंबुलेंस में बैठ गई।

रजिस्ट्री रोकने की शर्त पर वापस किए दस्तावेज
दस्तावेज छीनने पर रजिस्ट्री विभाग के कर्मचारियों में कर्मचारी बाहर आए और दस्तावेज मांगने लगे। महिला ने रजिस्ट्री रोकने की शर्त पर दस्तावेज वापस किए। मामला तूल पकड़ने पर पुलिस ने दोनों पक्षों को धमकाया और तुरंत बुजुर्ग महिला को अस्पताल में भर्ती कराने के लिए कहा।

छोटे बेटे के बेटे के नाम किया था प्लॉट
छोटे भाई का कहना है कि इस मकान में चारों भाई-बहनों का हिस्सा है। मुझे संपत्ति नहीं, मां चाहिए। वहीं, बड़े भाई ने कहा है कि मां ने छोटे भाई के बेटे के नाम 280 मीटर का प्लाॅट कर दिया था। मकान मेरे हिस्से में था, इसलिए उसकी रजिस्ट्री कराने के लिए मां को रजिस्ट्री ऑफिस लाया था।

बुजुर्ग मां का दर्द...
रजिस्ट्री विभाग के एक कर्मचारी ने बुजुर्ग महिला से पूछा कि क्या अपना मकान बड़े बेटे को देना चाहती हैं। यह सुनते ही उनका दर्द बाहर आ गया। उन्होंने रोते हुए कहा कि मेरा अंतिम समय चल रहा है। इसके बावजूद उनके सामने दोनों बेटे आपस में सड़क पर संपत्ति को लेकर लड़ रहे हैं और लोग तमाशा देख रहे हैं।

अस्पताल ले जाने के लिए कोई बेटा नहीं आया आगे
लोगों ने महिला को अस्पताल ले जाने के लिए कहा। बीमार मां को कौन सा बेटा अस्पताल लेकर जाए, इस पर भी दोनों भाई एक-दूसरे को देखने लगे। दोनों भाइयों में गाली गलौज हो रही थी, लेकिन बीमार मां का इलाज कराने के लिए आगे कोई नहीं आ रहा था। एंबुलेंस में बैठी छोटे भाई की पत्नी बोली कि सास की हालत ओर बिगड़ गई है। तब जाकर उनको एंबुलेंस में लेकर दोनों भाई उन्हें अस्पताल में ले गए।

स्टांप तो खरीद, रजिस्ट्री रुकी
मकान को नाम कराने के लिए स्टांप खरीदे गए थे। गिफ्टेड रजिस्ट्री के दस्तावेज तैयार हो चुके थे। बुजुर्ग महिला के अंगूठे नहीं लगे थे, जिसके चलते अभी रजिस्ट्री नहीं हुई है। आपत्ति लगने के दौरान ही दस्तावेजों को जब्त कर लिया था। दोनों भाइयों में करोड़ों की प्रॉपर्टी को लेकर विवाद है।
ज्ञानेंद्र कुमार, सहायक आयुक्त स्टांप

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रजिस्ट्री कार्यालय के बाहर दो भाइयों में संपत्ति नाम कराने को लेकर विवाद हुआ था। इसकी जानकारी पर सिविल लाइन थाने की पुलिस भी मौके पर गई थी। दोनों पक्षों ने पुलिस को तहरीर नहीं दी। सीसीटीवी फुटेज लेकर जांच की जा रही है।
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डॉ. विपिन ताडा, एसएसपी
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