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आस्था के कटे सिर की तलाश के लिए गंग नहर में दो जाल लगाए

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मेरठ। छात्रा आस्था उर्फ तनिष्क हत्याकांड में परतापुर पुलिस आस्था के कटे सिर की तलाश में जुटी है। चार दिन बाद भी पुलिस को कोई सफलता नहीं मिल सकी। सिर की तलाश के लिए पुलिस ने मुरादनगर और मसूरी में दो जगह गंग नहर में जाल लगाए हैं। पुलिस ने पीएसी के जवानों के साथ स्टीमर से गंग नहर में घूमकर सिर की तलाश की। उधर, हत्याकांड में वांछित मृतका का मौसेरा भाई गौरव भी पुलिस के हाथ नहीं लग सका। वह गाजियाबाद में एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता है। पुलिस उसकी कंपनी तक पहुंची भी मगर उसे पहचान नहीं सकी। वह पुलिस को देखकर चुपचाप चकमा देकर भाग गया। पुलिस उसके गढ़ मुक्तेश्वर के गांव भटपुरा भी पहुंची, तो परिजन भी घर को ताला लगाकर गायब मिले।
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परतापुर पुलिस अभी तक दादरी निवासी छात्रा आस्था की मां राकेश देवी, महरौली परतापुर निवासी मामा कमल सिंह, समर सिंह, ममेरे भाई मंजीत उर्फ मोनू को जेल भेज चुकी है। एक नाबालिग भी बाल सुधार गृह भेजा गया है। हत्या के बाद गर्दन काट कर जानी गंग नहर में सिर और बहादरपुर रजबहे में धड़ फेंका गया था। लाश की ठिकाने लगाने में छात्रा का मौसेरा भाई गौरव गुर्जर भी शामिल था। पुलिस लगातार उसकी तलाश में किठौर, गाजियाबाद, हापुड़, गढ़ मुक्तेश्वर में दबिश दे रही है।
एसएसपी डॉ विपिन ताडा ने बताया कि इस हत्याकांड में शामिल मौसेरे भाई गौरव की पुलिस तलाश में लगातार दबिश दे रही है। वहीं, छात्रा आस्था का कटा हुआ सिर अभी नहीं मिला है। पुलिस की दो टीम गंगनगर में कटे हुए सिर को तलाश रही है। इसके लिए मुरादनगर और मसूरी में गंग नहर में जाल लगाए हैं।
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डिजिटल साक्ष्य जुटाने में लगी पुलिस, मोबाइलों की सीडीआर निकाली
आस्था हत्याकांड में पुलिस डिजिटल साक्ष्य एकत्र करने में लगी है। इसमें सर्विलांस और फोरेंसिक टीम की भी मदद ली जा रही है। सभी आरोपियों के बयानों की वीडियोग्राफी कराई गई है। छात्रा, उसकी मां, पिता समेत सभी आरोपियों की मोबाइल फोन की सीडीआर भी पुलिस ने निकलवाई है। आस्था के शव और उसकी मां की डीएनए जांच भी पुलिस कराएगी, ताकि कटा हुआ सिर नहीं मिलने पर डीएनए जांच से यह पूरी तरह से पुष्टि हो जाए कि शव आस्था का ही था। हालांकि पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद मृतका के शव को सौंपते हुए उसके ताऊ, चचेरे भाई आदि से भी लिखित में लिया है कि शव आस्था का ही है। इसकी वीडियो भी बनाई है। वैसे पुलिस ने मुख्य गवाह आस्था के दोस्त को बनाया है।
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यह था मामला
परतापुर थाना क्षेत्र में बृहस्पतिवार को गांव बहादरपुर के रजबहे में छात्रा की चादर में लिपटी सिर कटी लाश मिली थी। मृतका के सूट-सलवार की जेब से मिले मोबाइल नंबर के आधार पर मृतका की पहचान दौराला थाना क्षेत्र के गांव दादरी निवासी रमेश की बेटी आस्था उर्फ तनिष्का (17) के रूप में हुई। आस्था इंटर की छात्रा थी। जेब से मिला मोबाइल नंबर नंगली साहिब निवासी उसके नाबालिग दोस्त का था। दोस्त ने ही मौके पर पहुंच कर आस्था की पहचान की। इसके बाद पुलिस ने दादरी गांव पहुंच कर पहले मृतका की मां राकेश देवी और बाद में छात्रा के महरौली-परतापुर निवासी मामा कमल सिंह, समर सिंह, ममेरे भाई मंजीत उर्फ मोनू को हिरासत में लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने आस्था की हत्या करना स्वीकार कर किया था। दोस्त से बात करने पर मां ने आस्था की गला दबाकर हत्या की थी तथा मामा, ममेरे भाई और मौसेरे भाई ने गर्दन काट कर आस्था की लाश को ठिकाने लगाया था।
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