एसडीएम और सीओ ने जब मृतकों का पोस्टमार्टम कराने के लिए कहा तो दोनों मृतकों के परिजनों ने पीएम कराने से इंकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने पंचनामा भर शवों को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। सोमवार की सुबह बेहद गमगीन माहौल में दोनों के शवों को सुपुर्दें खाक कर दिया गया। उधर तहसीलदार चंद्रकांता ने बताया कि दोनों मृतकों और घायलों के परिजनों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
देरी से पहुंची गाड़ी 108
गांव के ही मशरूर राणा, शमशाद, इस्खार, महफूज, मतलूब ने बताया कि घटना की जानकारी ग्रामीणों ने 108 को दी थी, लेकिन गाड़ी करीब छह घंटे की देरी से पहुंची। इसके बाद वह चार घायलों को लेकर सीएचसी गई। आकाशीय बिजली से झुलसे ग्रामीणों को प्राइवेट गाड़ियों द्वारा गंगोह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। 108 के देरी से पहुंचने पर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। तहसीलदार चंद्रकांता ने बताया कि जांच कर 108 के चालक के खिलाफ दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की संस्तुति विभाग के अफसरों को की जाएगी।
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