भ्रष्टाचार कर विद्युत लाइन बनाने के दो मामलों में पकड़े गए नोएडा क्षेत्र के दो जेई संदीप कुमार यादव और लोकेश कुमार और एक एसडीओ मनोज कुमार को एमडी ने निलंबित कर दिया है। कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मचा है। एमडी का कहना है कि विभाग में भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामला यूपी के मेरठ का है।
उपभोक्ता विकास यादव निवासी ग्राम बरौला, सेक्टर 49 नोएडा ने उपखंड अधिकारी (एसडीओ) चतुर्थ वे ठेकेदारों द्वारा फर्जी तरीके से विद्युत लाइन बनाकर विभाग को क्षति पहुंचाने की शिकायत की थी। एमडी आशुतोष निरंजन ने मामले की जांच कराने के लिए दो सदस्यीय कमेटी का गठन किया था।
सी प्रकार के एक अन्य प्रकरण की जांच अधीक्षण अभियंता नोएडा को करने और रिपोर्ट मुख्यालय भेजने को कहा गया था। अधीक्षण अभियंता नोएडा द्वारा उपलब्ध कराए गए प्रकरण में मेसर्स जितेंद्र चौहान, खसरा नंबर 484498 एवं 540 गांव सरफाबाद नोएडा में 100 केवीए ट्रांसफार्मर, 570 मीटर एबी केबल, 13 पीसीसी पोल आदि का एस्टीमेट बनाया गया था।
परिसर में 20 पीसीसी पोल की एलटी लाइन, एबी केबल के उपरांत 11 केवी स्टील ट्यूबलर पोल पर एमएस चैनल की चेयर बनाकर 11/4 केवी ट्रांसफार्मर स्थापित पाया गया। जिसकी नंबर प्लेट पर निर्माता मेसर्स पैरामेक्स ट्रांसफार्मर 100 केवीए 3 स्टार अंकित मिला। जबकि पत्रावली में उपलब्ध निर्माता की टेस्ट रिपोर्ट के अनुसार 100 केवीए 4 स्टार रेटिंग का है। पीसीसी पोल की 20 खंभों की एलटी लाइन में 10 खंभे पुराने ही हैं। पहले से पड़ी एबी लाइन पर दूसरा सर्किट डाल दिया गया और 10 खंभे नए स्थापित कर दिए गए। खंभों पर लिखे पीवीवीएनएल को सीमेंट लगाकर छिपाने का प्रयास किया गया।
इसके अलावा गांव सराफाबाद के दूसरे मामले में 100 मीटर की दूरी पर डबल पोल पर चार ट्रांसफार्मर एमएस चैनल की चेयर बनाकर स्थापित पाए गए। जिनमें से एक ट्रांसफार्मर एबीसी प्राईवेट लिमिटेड मिला। इस ट्रांसफार्मर के कोई भी दस्तावेज नहीं मिले। दोनों प्रकरणों में भ्रष्टाचार के दोषी जेई और एसडीओ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। एमडी आशुतोष निरंजन ने बताया कि दोषियों की जांच कराकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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