पारिवारिक कलह में पिता और उसके दो मासूम बेटों का जहर खाना परिवार पर कहर बनकर टूटा है। मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान रविवार सुबह छोटे बेटे ने दम तोड़ दिया। पिता और दूसरे पुत्र की हालत अभी नाजुक बनी हुई। बेटे के शव को लेकर मां लक्ष्मी दो घंटे तक लिपटी रही। मां ने बच्चे का शव नहीं छोड़ा। काफी समझाने पर महिला शांत हुई, तब जाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका।
रोहटा रोड स्थित फाजलपुर के खटीकपुरा निवासी बबलू ने शनिवार को अपने बेटों अजय (5) और कृष्णा (3) को जहर देकर खुद भी खा लिया था। बच्चों को तड़पते देखकर बबलू ने शोर मचाया तो उसकी पत्नी लक्ष्मी की आंख खुली। चीख पुकार मचने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। लोगों ने बबलू और उसके दोनों बेटों को मेडिकल में भर्ती कराया। रविवार सुबह 8:45 बजे मेडिकल कॉलेज में कृष्णा की इलाज के दौरान मौत हुई।
इस पर लक्ष्मी अपने होश खो बैठी। लक्ष्मी ने अपने लाडले कृष्णा के शव को गोद में उठा लिया। लक्ष्मी दो घंटे तक शव को लेकर लिपटी रही। उसकी हालत देखकर मेडिकल के डॉक्टर, नर्स और कर्मचारियों की भीड़ लग गई। सूचना पर मेडिकल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने लक्ष्मी को किसी तरह समझाकर शांत किया। पुलिस ने उसकी गोद से बच्चे के शव को लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस के मुताबिक बबलू और अजय की हालत अभी गंभीर है। लक्ष्मी का रो रोकर बुरा हाल है।
मेरे लाड़ले में जान डाल दो
कृष्णा के दम तोड़ते मां लक्ष्मी ने आपा खो दिया। वह चिल्लाती रही कि डॉक्टर साहब उनके बेटे में जान डाल दो। वह उसके बिना जिंदा नहीं रह सकती। अब वह अपने परिवार से कभी नहीं लडे़गी। लक्ष्मी की हालत देखकर सबकी आंखें नम हो गई। हर कोई यही उम्मीद कर रहा था कि काश कोई चमत्कार हो जाए और कृष्णा की सांस वापस लौट आए।
मोहल्ले में छाया मातम
कृष्णा की मौत की जानकारी लगते ही फाजलपुर के खटीकपुरा मोहल्ले में मातम छा गया। आनन फानन में मोहल्ले के लोग मेडिकल स्थित पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। देर शाम लोगों ने शव का अंतिम संस्कार किया।