परिजनों के अनुसार पांच जुलाई को जूूली कार से लड़वा आई थी, जिसके बाद दोनों सहेलियां कहीं घूमने जाने की बात कहकर घर से निकल गई थी। अगले दिन वहां से लौटकर दोनों सहेलियां भोपा क्षेत्र के गांव अथाई निवासी जूली के बहनोई सुधीर के यहां चली गईं थीं और बुधवार सुबह 11 बजे ही वहां से लौटी थीं।
शाम करीब चार बजे घर का काम खत्म कर हिमांशी की मां व चाची घर की ऊपरी मंजिल पर चली गई थीं, जबकि दोनों सहेलियां नीचे बरामदे में बैठी बात कर रही थी। हिमांशी की मां ने उन्हें ऊपर आने के लिए कहा तो दोनों अचेत पड़ी मिली। यह देख परिजन उनके पास पहुंचे और डॉक्टर को बुलाया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
दोनों शवों के पास जहर की खाली शीशी भी पड़ी मिली। घटना की सूचना पर तितावी एसओ कपिलदेव टीम के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों से घटना की जानकारी ली, लेकिन पीड़ित परिजनों ने आत्महत्या के संबंध में कुछ भी पता होने से इंकार कर दिया।
इन्होंने कहा
एसओ कपिलदेव का कहना है कि दो सहेलियों ने आत्महत्या की है। इनमें एक मवाना के गांव झिंझाड़ की रहने वाली है, जिसके परिजनों को सूचना दे दी गई है। फिलहाल परिजन कुछ भी नहीं बता पा रहे हैं। जूली के परिजनों के आने के बाद स्थिति साफ हो पाएगी।