नए साल के स्वागत में इस बार शौकीन करीब दो करोड़ रुपये की शराब पी गए। हालांकि विक्रेता बीते सालों की तुलना में बिक्री को कम बता रहे हैं। इसके पीछे का कारण कोरोना के साथ अन्य बंदिशें रहीं। विक्रेताओं के अनुसार, जिले में नए साल पर बमुश्किल दो करोड़ का कारोबार हुआ। कोविड-19 और शासन-प्रशासन की बंदिशों के चलते शराब की बिक्री कम हुई।
सामान्य दिनों की तुलना में नए साल पर कारोबार सिर्फ 10 से 15 प्रतिशत ही बढ़ा। यही कारोबार पिछले सालों में 50 प्रतिशत से ज्यादा होता रहा है। आबकारी विभाग की ओर से केवल दो होटलों को अस्थायी लाइसेंस जारी हुए। कम आयोजनों के चलते शराब की खपत भी घटी। वहीं शराब की दुकानों पर पुलिस का पहरा होने से भी कम बिक्री हुई।
झूठा आयोजन दिखा दिखाकर का प्रयास
एक होटल संचालक ने झूठा आयोजन दिखाकर अस्थायी लाइसेंस लेने का प्रयास किया। आबकारी विभाग को जांच के दौरान होटल में ऐसा कोई आयोजन नहीं मिला। जिस व्यक्ति के नाम से आवेदन दिया गया था, उसने लिखित में कोई कार्यक्रम नहीं होने की पुष्टि की। इसके बाद विभाग ने आवेदन निरस्त कर दिया। चर्चा है कि होटल संचालक ने सत्ता पक्ष के एक विधायक के जरिये दबाव बनाने का प्रयास किया था।