फेरे के दौरान दुल्हन मंडप में पहुंची तो दुल्हा बोला कि यह ठीक नहीं हुआ। मैं जबरन शादी कर रहा हूं। दुल्हन ने यह बात परिजनों को बताई। दुल्हन ने शादी से मना कर दिया। इसके बाद दुल्हन पक्ष ने दूल्हे, उनके पिता राजपाल, बहन-बहनोई व भाभी को बंधक बना लिया गया। यह देख बराती भागने लगे। सूचना पर थाना पुलिस पहुंची। पुलिस ने दूल्हे और उसके परिवार को बंधनमुक्त कराया। थाने में दूल्हे पक्ष ने दुल्हन को कुछ जेवरात देने की बात कही तो पुलिस से दुल्हन पक्ष ने कहा कि दूल्हे का भाई जेवरात ले गया। काफी देर तक पंचायत चली और दहेज का सामान लौटाने पर समझौता हुआ। सीओ सदर देहात देवेश सिंह ने बताया कि लिखित में कोई तहरीर नहीं दी गई।
बोली युवती- दहेज मांगने वाले से नहीं करूंगी शादी
पंचायत में आंचल ने कहा कि मैं बीकॉम की पढ़ाई कर चुकी हूं। मैं दहेज मांगने वाले से शादी नहीं करूंगी। विक्रांत दिल्ली मेट्रो में नौकरी करता है। ठीक कमाता है, इसके बावजूद बुलेट बाइक की मांग कर रहा है। शादी वाले दिन ही दहेज मांग रहा तो आगे का जीवन कैसे कटेगा।
अंतरजातीय दहेज रहित शादी कर समाज को दिया संदेश
कंकरखेड़ा में सोमवार को हिंद मजदूर-किसान समिति की ओर से एक नवविवाहित जोड़े ने दहेज रहित अंतरजातीय विवाह कर समाज को संदेश दिया। वहीं शादी समारोह में शामिल परिवार के लोगों ने नवविवाहित जोड़े को आशीष प्रदान किया।
हिंद मजदूर-किसान समिति की महिला मोर्चा अध्यक्ष सोनिया ने बताया कि मेरठ निवासी नितिन और कंकरखेड़ा की पूजा ने यहां शांति मंडप में अंतरजातीय दहेज रहित विवाह किया है। उन्होंने कहा कि यह कदम समाज को आईना दिखाने वाला है। हमें जातिप्रथा से ऊपर उठना होगा। उन्होंने कहा कि उनकी समिति मेेें जाति विशेष का व्यक्ति धार्मिक अनुष्ठान नहीं करता। विवाह संस्कार भी समिति की महिलाओं द्वारा संपन्न कराया गया है।
नितिन के पिता केसरगंज मंडी में है। नितिन शहद की दुकान करते हैं। दूसरी पूूजा के माता-पिता आइटीआइ साकेत में कार्यरत है। वहीं पूजा स्नातक हैं। नितिन ने बताया कि वह जातिप्रथा खत्म करने का संदेश देना चाहते हैं। समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष क्रांतिगुरू चंद्रमोहन की प्रेरणा से उन्होंने यह काम किया है। शादी में शामिल लोगों ने सर्वप्रथम राष्ट्रगान व क्रांतिकारियों के चरणों में पुष्पांजलि कर उन्हें नमन किया। शादी के बाद सभी ने दहेज प्रथा को खत्म करने की शपथ ली।