इसके बाद 14 फरवरी 2013 को माल डलवाया और कार्य शुरू करा दिया। इसके लिए 20 लाख रुपये एडवांस मिले थे। वर्ड ऑर्डर 5,61,99,261 रुपये का था। कार्य करने के दौरान ही उन्हें 53,10,000 रुपये और मिले। 30 मार्च तक कार्य किया, जिसके बाबत 5,45,18,550 रुपये का बिल बना, जबकि उन्हें कुल भुगतान 73 लाख 10 हजार रुपये का मिला। इसके बाद उन्होंने मोहम्मद इकबाल से भुगतान की मांग की, तो कहा गया कि कार्य पूरा करो, तब पेमेंट मिलेगा। बाजार की देनदारी और मजदूरों का भुगतान न होने से कार्य रुक गया। इसके बाद उनके पति सुनील मनचंदा भुगतान की मांग करने ग्लोकल यूनिवर्सिटी पहुंचे। आरोप है कि वहां मिले वाहिद और रविंद्र ने बिल की फाइल छीन ली और चार लोगों को बुलाकर रिवाल्वर तानकर सुनील मनचंदा को बंधक बनाया और जान से मारने की धमकी दी।
इसके बाद मिन्नत करने पर सुनील मनचंदा घर भेजा गया, लेकिन दहशत और बाजार की देनदारी की वजह से उनकी तबीयत खराब रहने लगी। 2016 में सुनील मनचंदा को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। तब किरन मनचंदा अपनी मां को साथ लेकर मोहम्मद इकबाल के पास गई और बकाया भुगतान की मांग की, तो मोहम्मद इकबाल ने कह दिया कि जब तुम्हारे पति की तबीयत ठीक हो जाए, तब पति को साथ लेकर आना। इसके बाद 2017 में फिर से पति की तबीयत खराब हुई और आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा, तो किरन मनचंदा फिर से भुगतान के लिए ग्लोकल यूनिवर्सिटी पहुंची। आरोप है कि तब मोहम्मद इकबाल ने गाली गलौज की और धक्का देकर गिरा गिया, जिससे उनके कपड़े भी फट गए। उन्हें बेइज्जत करके भगा दिया। इसके बाद अगस्त 2017 में उनके पति की मृत्यु हो गई। किरन मनचंदा की तहरीर पर 27 जुलाई 2019 को मिर्जापुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
केस- 2
बेहट तहसील के गांव शफीपुर निवासी सविता पत्नी मेघराज ने मोहम्मद इकबाल, वाजिद, जावेद और अलीशान के खिलाफ धोखाधड़ी से जमीन का बैनामा कराने और धमकी देने के आरोप में मिर्जापुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसमें सविता ने बताया था कि वर्ष 2011 में मोहम्मद इकबाल चार लोगों के साथ उसके घर पहुंचे और कहा कि दिल्ली यमुनोत्री मेन रोड वाली तुम्हारी पांच बीघा (कच्चा) जमीन हमें चाहिए। करीब 19 लाख रुपये में सौदा हुआ। आरोप है कि दो दिन बाद उसे, उसके पति और भाई को अपने साथ कार से बेहट तहसील ले गए। वहां कागजों पर अंगूठे लगवाने और भुगतान देकर उन्हें घर भेज दिया। बेची गई पांच बीघा जमीन से अलग करीब 44 बीघा जमीन पर सविता का परिवार खेती करता रहा।
आरोप है कि करीब एक साल पूर्व ही मोहम्मद इकबाल, वाजिद, जावेद और अलीशान ने आकर कहा कि यह पूरी जमीन हमारी है, इसका बैनामा भी हमारे पास है। आरोप है कि गाली गलौज कर धमकी देकर आरोपियों ने उनको खेत से भगा दिया। सविता के परिवार ने तहसील से जानकारी कराई, तो पता चला कि पांच बीघा की जगह 37 बीघा जमीन का बैनामा धोखाधड़ी से वाजिद व इनके भाई की कंपनी के नाम करा लिया और हमारी पूरी 49 बीघा जमीन पर तारबाड़ कर कब्जा कर लिया। सविता की तहरीर पर मिर्जापुर थाना पुलिस ने मोहम्मद इकबाल, वाजिद, जावेद और अलीशान के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकी देने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर ली।
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