परिवहन विभाग की लापरवाही के कारण तीन साल से दो बाइक एक ही नंबर पर मेरठ और बागपत में दौड़ती रहीं। मेरठ का युवक बाइक बेचने पहुंचा तो खुलासा हुआ। सवाल है कि परिवहन कार्यालय में दो बाइक का एक ही नंबर पर अलग- अलग पंजीकरण कैसे हो गया। पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लिया है। जांच की जा रही है।
यह भी पढ़ें: ऐसे खुली मेरठ पुलिस की पोल, किरकिरी होने पर एडीजी नाराज, अफसरों को दिए सख्त निर्देश
बुधवार को मेरठ के रासना गांव निवासी विकास कुमार बागपत में एक युवक को अपनी बाइक संख्या यूपी 17 एल 5018 बेचने आया था। जब विकास सेल लेटर बनवाने लगा, तो बाइक की आरसी पर दर्ज चेसिस नंबर और इंजन नंबर का मिलान नहीं हुआ। बाइक खरीदने आए युवक ने पुलिस को जानकारी दे दी। पुलिस विकास को बाइक समेत कोतवाली ले गई। विकास ने पुलिस को आरसी दिखाई। जांच शुरू हुई तो इसी नंबर की एक बाइक बड़ौत निवासी शैलेंद्र के नाम पर भी मिली। पुलिस ने शैलेंद्र को कॉल की। शैलेंद्र भी बड़ौत से अपनी बाइक लेकर कोतवाली पहुंच गया और आरसी दिखाई। उसकी आरसी और चेसिस नंबर का मिलान हो गया, लेकिन जब ऑनलाइन पंजीकरण देखा गया तो विकास के नाम पर भी बाइक मिली। विकास का कहना था कि उसने बाइक मेरठ के करनावल के एक व्यक्ति से खरीदी थी, जबकि शैलेंद्र ने बाइक शोरूम से खरीदी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/