हल्दी और लौंग से बढ़ेगी शरीर की प्रतिरोधक क्षमता
मेरठ। आरजी पीजी महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना टास्क फोर्स की स्वयंसेविकाओं ने रविवार को जागरूकता अभियान चलाया। मनोविज्ञान विभाग से स्वयंसेविका डॉ. सुनीता सिंह ने भारतीय मसालों की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में अहम भूमिका के विषय में छात्राओं को बताया। साथ ही किस प्रकार प्राचीन भारतीय जीवनशैली मानव जीवन और स्वास्थ्य के लिए अमृत है।
उन्होंने बताया कि प्रतिरोधक क्षमता में हल्दी एक महत्वपूर्ण मसाला है, जिसे गोल्डन मिल्क, या सुपर मिल्क कहते हैं। इसे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए के लिए बहुत पहले से इस्तेमाल किया जाता रहा है। लौंग दूसरा महत्वपूर्ण मसाला है, जो एक मजबूत एंटी ऑक्सीडेंट व सड़न रोकने वाली दवा लौंग में कई बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करने का गुण होता है और इसका उपयोग विभिन्न रोगों के उपचार में किया जाता है। काली मिर्च कफ और कोल्ड जैसे वायरल इंफेक्शन के साथ ही कई बैक्टीरियल इंफेक्शन से छुटकारा दिलाने में भी मददगार है। दालचीनी में पॉलिफेनॉल्स और प्लांट एंटीऑक्सिडेंट होते हैं, जो इम्युनिटी दुरुस्त करते हैं। मुनक्का से रोगों से लड़ने के लिए शरीर को ताकतवर बनाया जाता है। सूखी अदरक इम्युनिटी यानी बीमारी, वायरस, बैक्टीरिया से लड़ने की शरीर की क्षमता बढ़ाती है। इसी प्रकार गरम पानी पीना, तुलसी अदरक लौंग काली मिर्च की चाय या काढ़ा पी सकते है। सच्चा देवी, शिल्पी शर्मा, निदा अंसारी और मेघा ने भाग लिया। प्राचार्य डॉ. अर्चना शर्मा, एनएसएस यूनिट अधिकारी डॉ. अमिता शर्मा व डॉ. श्वेता त्यागी ने निर्देशन दिया।