रिठानी स्थित होटल में हत्या के बाद अर्चिता अरोड़ा के नाम से हुआ था खुलासा
कानूनी रूप से पुष्टि न होने के कारण मां को नहीं मिल पाईं थी बेटी की अस्थियां
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। परतापुर के रिठानी स्थित अविका होटल में महिला की हत्या कर मवाना में शव फेंकने के बाद पुलिस ने दिल्ली की अर्चिता अरोड़ा मानकर खुलासा किया था। इसके बाद तुर्कमेनिस्तान से वीडियो कॉल कर नाजमुदिनोवा गुलनारा ने शव उनकी बेटी मुहब्बत सुनातोव्ना (40) का होने का दावा कर अस्थियों की मांग की। इसके चलते पुलिस को मां-बेटी के डीएनए की जांच करानी पड़ी। अब रिपोर्ट से पुष्टि हो गई है कि तुर्कमेनिस्तान की मुहब्बत की ही हत्या कर शव फेंका गया था।
पुलिस ने मवाना क्षेत्र में 21 फरवरी 2026 को महिला का शव मिलने के बाद 26 फरवरी को अर्चिता अरोड़ा नाम से मिले आधार कार्ड के आधार पर खुलासा किया था। पुलिस का कहना था कि दिल्ली की अर्चिता अरोड़ा की हत्या अविका होटल के संचालक देवपुरी निवासी चंचल कुमार उर्फ बंटी ने अपने साथियों बागपत के गांव जौहड़ी निवासी गुरमुख, प्रभातनगर निवासी संदीप और खजूरीवाली गली मलियाना निवासी विवेक के साथ मिलकर की थी।
पुलिस का कहना था कि शराब पीने के दौरान रुपयों के लेनदेन को लेकर चंचल का मुहब्बत से विवाद हुआ था। इसी विवाद में चंचल ने 17 फरवरी को साथियों के साथ मिलकर कंबल से मुंह दबाकर मुहब्बत की हत्या कर दी थी। इसके बाद पहचान और टैटू छिपाने के लिए चेहरा और हाथ जलाकर शव को कार से ले जाकर मवाना खुर्द चौकी और भगवती फार्म हाउस के पास फेंक दिया गया था।
इस ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने के लिए पुलिस ने करीब 500 सीसीटीवी फुटेज खंगाले थे। फुटेज में दिखी एक संदिग्ध कार की मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंची थी। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई कार, तेजाब की खाली बोतल और कंबल भी बरामद किया था।
ईयररिंग्स देखकर मां बोली थी बेटी की कर दी हत्या
पुलिस ने मुहब्बत के मोबाइल की सीडीआर में मिली अंतिम कॉल के आधार पर 26 फरवरी को उसकी कथित सहेली चंडीगढ़ में रहने वाली एलीना से संपर्क किया था। एलीना ने पुलिस को बताया था कि आधार कार्ड पर फोटो मुहब्बत का है। उसका नाम अर्चिता अरोड़ा नहीं है। एलीना ने इस संबंध में दिल्ली में रह रही विदेशी महिला अजीजा को बताया था। अजीजा ने मवाना पहुंचकर जले हुए शव के फोटो हासिल किए और मुहब्बत की मां गुलनारा को वीडियो कॉल की। गुलनारा ने ईयररिंग्स और ब्लैक टॉप देखकर बेटी की पहचान की और पुलिस व दूतावास से उसकी अस्थियां दिलाने की मांग की थी।
15 साल पहले भारत आई, वापस लौटना चाहती थी
विदेशी महिलाओं के उत्पीड़न से जुड़ी संस्था चलाने वाले दिल्ली के मयूर विहार फेज-1 निवासी हेमंत शर्मा ने बताया कि मुहब्बत की तुर्कमेनिस्तान में शादी हुई थी और उसके दो बेटियां हैं। वह बेटियों के भरण पोषण के लिए नौकरी करने 15 साल पहले भारत आई थी। वह वापस तुर्कमेनिस्तान लौटना चाहती थी। उसने अपनी मां को भारत बुलाया था। उसने अपनी मां से कहा था कि वह उन्हें भारत घुमाएगी। इसके बाद वह उनके साथ ही अपनी बेटियों के पास तुर्कमेनिस्तान लौट जाएगी।
मुहब्बत के शव के अवशेष और उसकी मां के रक्त के नमूने से डीएनए मिलान कराई गई थी। इसकी रिपोर्ट से पुष्टि हो गई है कि शव तुर्कमेनिस्तान की मुहब्बत का था। उसकी मां से संपर्क कर उन्हें अस्थियां दे दी जाएंगी।
- अभिजीत कुमार, एसपी देहात