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Meerut News: वीतराग प्रभु के गुणों को अपनाना ही सच्ची भक्ति

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संवाद न्यूज एजेंसी
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हस्तिनापुर। श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर में स्वर्णमयी पंचमेरू नंदीश्वरद्वीप में चल रहे श्री नंदीश्वरद्वीप महामंडल विधान के तहत अष्ट दिवसीय पूजा का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने विधिविधान के साथ पूजा-अर्चना कर मांडले पर 800 अर्घ्य समर्पित किए। शांतिधारा का सौभाग्य जयमाला जैन, संदीप, शशांक, मृदुला जैन, डॉ. राकेश, सारिका, शरद, ऋतिका और अक्षय जैन को प्राप्त हुआ।
तीर्थ क्षेत्र कमेटी के सदस्य एवं विधान संयोजक विजय कुमार जैन ने श्रद्धालुओं का मंगल तिलक कर माल्यार्पण से स्वागत किया। मुनि भाव भूषण महाराज के मंगल कलश को विराजमान कराने का सौभाग्य संजय जैन और संगीता जैन को मिला। राजीव जैन ने पाद प्रक्षालन किया। सरोज जैन ने पिच्छी भेंट की। अनूप जैन, सुनीता जैन, कमला जैन, प्रदीप जैन, सुषमा जैन और अनिल जैन ने शास्त्र भेंट किए।
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मुनि भाव भूषण महाराज ने कहा कि जिस प्रकार बीज के भीतर वृक्ष बनने, पुष्पित होने और फलित होने की क्षमता होती है, उसी प्रकार मानव पर्याय में संयम, त्याग और तपस्या के माध्यम से मोक्ष प्राप्त करने की योग्यता होती है। श्रावक के षट्कर्तव्यों में देव पूजा प्रमुख है। वीतराग प्रभु के गुणों में अनुराग रखते हुए उनके गुणों को जीवन में अपनाने का संकल्प करना ही सच्ची भक्ति है। कार्यक्रम में जीवेंद्र कुमार जैन, मुकेश जैन, राजेंद्र कुमार जैन, राजीव जैन, सुनील जैन समेत तीर्थ क्षेत्र कमेटी के सदस्य मौजूद रहे।

भाव भूषण महाराज ने की चातुर्मास की घोषणा
हस्तिनापुर। श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर में चल रहे धार्मिक आयोजनों के बीच मुनि भाव भूषण महाराज ने इस वर्ष के चातुर्मास की घोषणा की।
मुनि भाव भूषण महाराज ने चातुर्मास के दौरान प्रवचन, स्वाध्याय और धर्म चर्चा के माध्यम से श्रद्धालुओं को जैन धर्म के सिद्धांतों और भगवान महावीर के बताए मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। महाराज ने कहा कि चातुर्मास आत्मशुद्धि, संयम और साधना का पर्व है। वर्षा ऋतु में एक स्थान पर रहकर साधु-संत धर्म साधना करते हैं और श्रद्धालुओं को भी अहिंसा, सत्य, संयम तथा त्याग के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।
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उन्होंने कहा कि मनुष्य को बाहरी सुखों के साथ-साथ आत्मिक शांति की ओर भी ध्यान देना चाहिए। चातुर्मास की घोषणा के अवसर पर मंदिर में श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ मुनि महाराज का आशीर्वाद लिया। मंदिर समिति और समाज के लोगों ने चातुर्मास के दौरान होने वाले कार्यक्रमों की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
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