इन सभी मुकदमों में कुल 71 आरोपी नामजद हुए थे, जिनमें नौ आरोपियों की नामजदगी गलत पाई गई थी। बाकी 62 आरोपियों में पुलिस ने 31 को गिरफ्तार किया, जबकि 24 आरोपी कोर्ट में हाजिर हुए हैं। प्रचलित मुकदमे में सात आरोपियों का कोर्ट से स्टे चल रहा है।
तीन तलाक के दर्ज मुकदमों की थानावार स्थिति
थाना : दर्ज मुकदमों की संख्या
कैराना : 5
कांधला : 6
झिंझाना : 3
थानाभवन : 3
गढ़ीपुख्ता : 2
तीन तलाक के मामलों में कमी आई
छोटी-छोटे पारिवारिक विवादों में तीन तलाक देना महिलाओं के साथ अन्याय है। तीन तलाक कानून बनने से महिलाओं को न्याय मिला है। इस कानून को लेकर महिलाएं खुश हैं। कानून बनने के बाद तीन तलाक के मामलों में कमी आई है। कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए आपसी विवाद के कई मामलों में समझौते हुए और महिलाएं अपने पति के साथ रह रही है। - इशरतजहां, एडवोकेट।
एक साल में तीन तलाक से संबंधित लगभग 20 से अधिक शिकायतें सामर्ने आइं। सभी मामलों में दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौते हुए हैं। महिलाएं अपने पति के साथ खुशी से रह रही हैं। महिला थाने में कोई मुकदमा तीन तलाक के संबंधित दर्ज नहीं हुआ है। - नीरज चौधरी, प्रभारी महिला थाना।
कानून बनने से कोई खास फर्क नहीं पड़ा
तीन तलाक को लेकर कानून बना है, थानों में एफआइआर भी दर्ज हुई हैं। यह कानून बनने से बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ा है। पहले की तरह आज भी समाज के मौअज्जिज लोगों के बीच इस तरह के मामले निबटाकर पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाया जाता है, जबकि कानून का सहारा लेने से महिलाओं को न्याय के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। - मौलाना मोहम्मद साजिद कासमी, जिला सदर जमीयत उलमा ए हिंद।
जनपद में तीन तलाक से संबंधित अब तक 19 मुकदमे दर्ज हुए हैं, जिनमें 16 मुकदमों में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। एक मुकदमा खारिज हुआ है, जबकि एक में फाइनल रिपोर्ट लगी है। एक मुकदमे में कार्रवाई प्रचलित है। जांच में दोषी पाए गए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। - विनीत जायसवाल, एसपी।