वर्कशाप से मिलेगी राहत
दिल्ली रोड स्थित रोडवेज की सेंट्रल वर्कशाप और अधिकारी आवास की जमीन पर रैपिड रेल वर्कशाप बनाई जा रही है। रोडवेज वर्कशाप को पल्हैडा में शिफ्ट कर दिया जाएगा। इससे अब खराब बसें वर्कशाप में नहीं आ पाएगी। भैसाली अड्डे पर यात्री बसें ही आ पाएगी। इससे जाम की समस्या हल होगी। इसके साथ ही रैपिड रेल स्टेशन होने के चलते भैसाली बस अड्डा यात्रियों के लिए जरूरी है। रैपिड स्टेशन यहां अंडरग्राउंड प्रस्तावित है।
एक नजर में बस अड्डे
- भैसाली अड्डे का क्षेत्रफल 11671 वर्गमीटर
- 1952 से जमीन पर यूपी रोडवेज काबिज
- मेरठ कार्यशाला का क्षेत्रफल 13430 वर्गमीटर
- सोहराबगेट डिपो की स्थापना वर्ष 1978
- सोहराबगेट अड्डे का क्षेत्रफल 4954 वर्गमीटर
- सोहराबगेट कार्यशाला का क्षेत्रफल 12733 वर्गमीटर
- दोनों बस अड्डों से संचालित होने वाली बसें 650
- भैसाली अड्डे के यात्रियों की संख्या करीब 60 हजार प्रतिदिन
- सोहराबगेट अड्डे के यात्रियों की संख्या करीब 20 हजार प्रतिदिन
- दोनों बस अड्डों को निगम मुख्यालयों द्वारा ए श्रेणी में रखा गया है।
बस अड्डे के लिए संबंधित विभागों के साथ जमीन की तलाश की जा रही है। लेकिन अभी तक उपयुक्त जमीन दिखाई नहीं दी है। जमीन मिलने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
-केके शर्मा, आरएम रोडवेज मेरठ रीजन