मेरठ में यातायात विभाग की तीसरी आंख का उपचार होगा। ट्रैफिक कंट्रोल रूम में लगे सीसीटीवी कैमरे पिछले काफी समय से खराब चल रहे हैं। इसके अलावा कुछ और स्पॉट शामिल किए गए हैं, जहां हाई रिजॉल्यूशन कैमरे लगाए जाने हैं।
पुलिस लाइन में स्थित यातायात विभाग के कंट्रोल रूम में लगी स्क्रीन की मदद से शहरभर का यातायात कंट्रोल किया जाता है। अपराध नियंत्रण के लिहाज से भी इस कंट्रोल रूम को महत्वपूर्ण माना गया है।
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पिछले काफी समय से कंट्रोल रूम अस्त-व्यस्त है। कुछ कैमरे बंद हैं तो कुछ का फोकस आउट हो गया है। कुछ कैमरे पेड़ों की टहनियाें से ढक गए हैं। हाल ही में एसपी ट्रैफिक जेके श्रीवास्तव ने कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया और व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाने की कवायद शुरू की।
हाई रिजॉल्यूशन कैमरे लगाने पर जोर
कंट्रोल रूम से जुड़े लगभग 80 फीसदी कैमरे शहर की प्रमुख सड़कों को कवर कर रहे हैं। एसपी ट्रैफिक ने जब एक कैमरे को जूम कर वाहन का नंबर जानने का प्रयास किया तो वह स्पष्ट नहीं दिखा। इस पर एसपी ट्रैफिक ने कंट्रोल रूम से कुछ अन्य सीसीटीवी कैमरों को जोड़ने का निर्णय लिया।
कंट्रोल रूम से शहर के यातायात पर आसानी से नजर रखी जा सकती है। इसमें कुछ हाई रिजॉल्यूशन कैमरे लगाने पर विचार किया जा रहा है। पुराने समय से लगे कैमरों की लोकेशन और फोकस पर भी काम किया जाएगा।
- जेके श्रीवास्तव, एसपी ट्रैफिक