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मंडी शुल्क में दोहरी प्रणाली के विरोध में उतरे व्यापारी

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संयुक्त व्यापार संघ ने मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
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मंडी के बाहर और अंदर अलग शुल्क को लेकर चल रहा अलग नियम
मेरठ। मंडी शुल्क में दोहरी प्रणाली के विरोध में अब शहर के व्यापारी उतर आए हैं। व्यापारियों का कहना है कि मंडी के बाहर और अंदर अलग-अलग शुल्क का नियम चल रहा है। मंडी शुल्क पूर्ण रूप से समाप्त किया जाना चाहिए। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा।
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संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष एवं मंडी व्यापारी नवीन गुप्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने खाद्यान, दाल, चावल आदि पर मंडी शुल्क ढाई प्रतिशत के स्थान पर दो प्रतिशत करने की बात कही गई थी। निदेशक मंडी परिषद ने यूजर चार्ज के संबंध में सभी मंडियों से सुझाव मांगे थे। हालांकि मंडी के अंदर 2.5 प्रतिशत शुल्क और मंडी के बाहर कोई शुल्क न लेने से मंडी व्यवस्था समाप्त हो जाएगा। मंडी के अंदर कार्य करने वाले व्यापारियों की शहर में कोई दुकान नहीं है। महामंत्री संजय जैन ने कहा कि फल, सब्जी की तरह खाद्यान, चावल, दालों को मंडी शुल्क से पूर्ण रुप से मुक्त किया जाना चाहिए। मंडी के अंदर व्यवस्थाओं के लिए मंडी शुल्क के स्थान पर 25 पैसा सैकड़ा की दर से यूजर चार्ज लेने का आदेश निदेशक मंडी परिषद् को दिया जाना चाहिए। ज्ञापन देने वालों में सतीश चंद्र जैन, नीरज मित्तल, अमन गुपता, संजीव रस्तौगी, सरदार नरेंद्र सिंह, संदीप रेवड़ी, अंकुर गोयल, विजय आंनद अग्रवाल, सुनील वर्मा, मनीष शर्मा, परविंदर त्यागी, विकास गिरधर, अनुज सिंघल, सुमित ग्रोवर, राजेश सिंघल आदि रहे।
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