बहसूमा। क्षेत्र में बुधवार शाम से शुरू हुई बारिश का सिलसिला बृहस्पतिवार तक रुक-रुककर जारी रहा। लगातार हुई वर्षा से धान और गन्ने की फसलों को संजीवनी मिली है। बारिश से जहां किसानों को सिंचाई के खर्च से राहत मिली, वहीं कई दिनों से पड़ रही उमस भरी गर्मी से आमजन को भी राहत महसूस हुई।
किसान श्यामपाल चपराना, अनिल शर्मा, विपिन भाटी और संजय बैंसला ने बताया कि धान की फसल के लिए यह बारिश बेहद लाभकारी है। इससे खेतों में पर्याप्त नमी बनी रहेगी और सिंचाई के लिए डीजल पर होने वाला खर्च बचेगा। उनका कहना है कि झमाझम बारिश के बाद होने वाली हल्की फुहार धान की बढ़वार के लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती है।
कृषि विशेषज्ञ मुकेश सिंह ने बताया कि बारिश से धान में अच्छा फुटाव होता है। इससे उत्पादन बढ़ने की संभावना रहती है। वहीं गन्ने की फसल में भी नई बढ़वार तेज होती है। बारिश का पानी गन्ने की जड़ों तक पहुंचने से फसल को मजबूती मिलती है और कई रोगों का प्रकोप भी कम होता है। लगातार वर्षा से खेतों में हरियाली लौट आई है। इससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं और अच्छी पैदावार की उम्मीद बढ़ गई है।