उधर, जब मोनू और मनीष काफी देर तक बाहर नहीं निकले तो जेनरेटर ऑपरेटर लोकेश उन्हें देखने के लिए गटर में उतर गया। जिसके बाद उसकी भी हालत बिगड़ गई। लोकेश की चीख-पुकार सुनकर मौके पर मौजूद सुपरवाइजर प्रताप ने स्थानीय नागरिकों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद गटर में फंसे तीनों कर्मचारियों को बाहर निकलवाया।
मौके पर पहुंची पुलिस की मदद से तीनों कर्मचारियों को आनन-फानन में सुभारती हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। जहां मोनू और मनीष की हालत गंभीर बनी है। बताया गया कि जनरेटर ऑपरेटर लोकेश मास्क पहने हुए था, इसी कारण वह जहरीली गैस की चपेट में आने से बच गया।
एसओ टीपीनगर दिनेश कुमार का कहना है घटना की सूचना मिलते ही तुरंत पुलिस को मौके पर रवाना कर दिया, जिसमे एक कि हालात गंभीर बनी हुई है लेकिन डॉक्टरों का कहना है जल्द से जल्द उसकी हालात में सुधार आ जायेगा।