खरखौदा क्षेत्र में धनौटा गांव के सामने सोहेल को नींद की झपकी लगी। वह कार से नियंत्रण खो बैठा। तेज रफ्तार में कार सड़क से कच्चे में उतर गई। जब तक सोहेल संभल पाता, तब तक हादसा हो गया।
ट्रक से टकराकर कार के परखच्चे उड़ गए। करीब 20 मिनट तक हाईवे पर घायल मजदूर तड़पते रहे। सूचना पर पुलिस व एंबुलेंस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को अस्पताल भिजवाया। तब तक अनिल, सुनील और जुनैद ने दम तोड़ दिया था।
परिजनों ने बताया कि अनिल शादीशुदा और सुनील अविवाहित था। दोनों भाई मजदूरों को लेकर पंजाब जा रहे थे। रास्ते में खौफनाक हादसा हो गया। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव और घायलों को लेकर घर की ओर रवाना हो गए।
भटकते रहे घायल मजदूर
हादसे के बाद एसडीएम सदर कमल किशोर और सीओ किठौर अभिषेक पटेल खरखौदा पहुंचे। सभी घायलों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। मजदूरों का आरोप है कि सभी घायलों की पट्टी करने और टिटनेस इंजेक्शन देने के बाद उनकी छुट्टी कर दी गई। इसके बाद किसी ने उनकी सुध नहीं ली। वह घायलावस्था में भटकते रहे।
पीड़ितों के चार मोबाइल और दो पर्स चोरी
हादसे के बाद लोगों की भीड़ जुट गई। खून से लथपथ घायलों में चीख-पुकार मची थी। एंबुलेंस तीनों शवों और घायलों को ले गई। इसी दौरान किसी ने पीड़ितो के चार मोबाइल और दो पर्स गायब कर दिए। पीड़ितों ने बताया कि इनमें दो मोबाइल सुनील व अनिल के थे। काफी तलाश करने के बाद भी मोबाइल और पर्स नहीं मिले।