किठाैर थानाक्षेत्र के खंद्रावली गांव निवासी नौमान और गुलिश्ता के पांच बच्चों में चार बेटियां और इकलौता बेटा सैफ था। दो बेटियों सबा परवीन और निशा परवीन की तीन वर्ष पहले मवाना और बुलंदशहर के स्याना में शादी हो चुकी है। निदा, नेहा और सैफ तीनों अविवाहित थे। पोस्टमार्टम के बाद तीनों शव घर पहुंचे तो परिजनों का रोकर बुरा हाल हो गया। एक साथ घर से तीन जनाजे उठे तो हर आंख नम हो गई।
यहां मौजूद हर कोई यही कह रहा था कि हादसे ने नौमान और गुलिश्तां की जिंदगी ही उजाड़ दी, अब वे किसके सहारे जीएंगे। नौमान के परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। सैफ, नेहा और निदा मेहनत-मजदूरी कर परिवार को संभाले हुए थे।