जीएसटी चोरी के तीन आरोपियों को भेजा जेल
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। न्यायालय विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, मेरठ ने सुपारी एवं पान मसाला का व्यापार कर 218.40 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी करने के आरोप में आरोपी रचित गुप्ता, मनोज साहू और उमेश निवासीगण बदायूं को न्यायिक हिरासत में लेते हुए जेल भेजने के आदेश दिए हैं।
विशेष लोक अभियोजक लक्ष्य कुमार सिंह के अनुसार नितिन कुमार सिंह ने कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई और आरोप लगाया कि उन्हें सूचना मिली थी कि आरोपी रचित गुप्ता अपनी कंपनी में गुटका बनाने की मशीनों का रजिस्ट्रेशन कराए बिना व्यापार कर रहे हैं। ऐसा कर सरकार को टैक्स की हानि पहुंचा रहे हैं। जिसके बाद विभाग की टीम ने आरोपी के यहां छापा मारा तो उन्होंने पाया कि तीनों आरोपी मशीनें लगाकर गुटका बनाकर उसे बेचने का कार्य कर रहे हैं। मौके पर टीम ने 12 मशीनें पकड़ी। जांच में पाया कि तीनों आरोपियों ने 218.40 करोड़ रुपये की टैक्स हानि सरकार को पहुंचाई गई है। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनकर तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
इंश्योरेंस कंपनी को 95 लाख रुपये देने के आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। न्यायालय स्थायी लोक अदालत मेरठ के अध्यक्ष डॉ. अनुपम गोयल सदस्य अनिता राणा और डॉ अलका रानी ने प्रिंटिंग प्रेस की बीमा पॉलिसी के भुगतान ना करने पर दी न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लि. पर 95 लाख 36 हजार 191 रुपये दिलाने के आदेश दिए हैं।
शिकायतकर्ता दीपक मित्तल निवासी देवश्री हाइट्स टीपीनगर ने न्यायालय में 27 मार्च 2018 को वाद दायर किया था। बताया था कि उसका जानकी न्यूज प्रिंट लिमिटेड के नाम से पेपर मिल है। जिसमें महंगी मशीन एवं टर्बाइन का उपयोग होता है। शिकायतकर्ता ने अपनी मशीन का बीमा विपक्षी के यहां कराया था। जिसकी बीमित धनराशि 3.50 लाख रुपये थी। जिसमें बीमा पॉलिसी के अनुसार किसी विद्युत यांत्रिक या बाहरी वजह से मशीन को कोई भी नुकसान या क्षति होती है तो उसकी क्षतिपूर्ति इंश्योरेंस कंपनी द्वारा की जानी थी। मशीनरी में खराबी आने के बाद शिकायतकर्ता ने 63 लाख 51 हजार ,131 रुपये का क्लेम डाला परंतु इंश्योरेंस कंपनी द्वारा शिकायतकर्ता को कोई भी क्लेम नहीं दिया था। बृहस्पतिवार को न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनकर तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर बीमा कंपनी को 95 लाख 36 हजार 191 रुपये वापस करने के आदेश दिए हैं।
नीला ड्रम हत्याकांड में हुई बहस
मेरठ। ब्रह्मपुरी के चर्चित नाले ड्रम वाला सौरभ राजपूत हत्याकांड में न्यायालय जिला जज अरविंद मिश्रा की अदालत में बृहस्पतिवार को
आरोपी पक्ष की ओर से उनके अधिवक्ता द्वारा बहस की गई। समय अभाव के चलते न्यायालय ने शेष बहस के लिए आज की तिथि नियत कर दी है।
सौरभ की नृशंस हत्या कर शरीर के टुकड़े एक नील ड्रम में सीमेंट के अंदर जमाकर साक्ष्य को छिपाए जाने के मामले में न्यायालय जिला जज अरविंद मिश्रा की अदालत में सुनवाई चल रही है। इस मामले में डीजीसी केके चौबे 22 गवाह न्यायालय में पेश कर अपनी बहस पूरी कर चुके हैं। वहीं, आरोपी पक्ष की ओर से अधिवक्ता रेखा जैन ने भी बचाव में दो गवाह पेश कर अपनी बहस की। बहस में बृहस्पतिवार को भी मुख्य रूप से कहा गया कि बरामदगी की वीडियोग्राफी नहीं कराई गई थी और दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के समय कोई पब्लिक का गवाह मौजूद नहीं था। इस हत्याकांड में मृतक की पत्नी मुस्कान व उसका प्रेमी साहिल शुक्ला आरोपी हैं। जल्द ही बहस पूरी होने के बाद इसी माह निर्णय होने की पूरी संभावना है।
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कपसाड़ कांड:- आरोपी पारस सोम की जमानत याचिका खारिज
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। न्यायालय अपर जिला जज एससी-एसटी एक्ट अमित वीर सिंह ने कपसाड़ कांड में आरोपी पारस सोम की जमानत याचिका गंभीर पाते हुए खारिज कर दी।
सरकारी वकील के अनुसार थाना सरधना क्षेत्र के ग्राम कपसाड़ में आरोपी पारस 8 जनवरी को सुनीता की हत्या कर उसकी बेटी रूबी को अगवा कर ले गया था। जिसके बाद पीड़िता को पुलिस ने तलाश कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जिसके बाद आरोपी ने नाबालिग बताते हुए जमानत याचिका योजित की। पारस सोम के अधिवक्ता ने न्यायालय में बताया कि मुकदमे में उसे झूठा फंसाया जा रहा है। घटना से पारस सोम का कोई भी लेना देना नहीं है। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनकर पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी का जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया।