आपका बैंक अकाउंट खाली करने के लिए साइबर अपराधी नए-नए तरीके तलाश रहे हैं। मोबाइल पर आए लिंक को बिना सोचे-समझे आपने क्लिक किया तो आप ठगी का भी शिकार हो सकते हैं। ऐसे में कोई भी लिंक क्लिक करने के बाद आपके मोबाइल का एक्सेस मांगे तो सावधानी बरतें। इस तरह से ठग आपके मोबाइल का क्लोन तैयार कर सकते हैं। साइबर सेल में इस तरह की रोजाना चार-पांच शिकायतें आ रही हैं।
आजकल साइबर अपराधी मोबाइल के व्हाट्सएप पर लिंक भेजते हैं, जिसको खोलते ही एक एप डाउनलोड हो जाता है। उसी के संबंध में आपकी आईडी की जानकारी भी भरवा लेते हैं। बस फिर क्या, मोबाइल आपके हाथ में रहेगा और उसका रिमोट साइबर अपराधियों के पास होगा। उसके जरिए आपके बैंक अकाउंट की जानकारी साइबर अपराधियों के पास पहुंचती रहती है।
मौका पाते ही ठग आपके अकाउंट से पैसा ट्रांसफर कर लेते हैं। पुलिस का कहना है कि अभी इन मामलों में बैंक अकाउंट से ट्रांसफर पैसे वापस नहीं आ पा रहे हैं। बैंक से निकले पैसे का मैसेज भी साइबर अपराधियों के पास जाता है और वह उसे डिलीट कर देते हैं। जिससे खातेदारों को तुरंत पता नहीं चल पाता है।
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सावधान रहने की जरूरत
साइबर एक्सपर्ट कर्मवीर सिंह ने बताया कि लिंक के जरिए व्हाट्सएप पर साइबर अपराधी कोई रिमोट एप डाउनलोड कराते है। उस एप के जरिए ठगों को आपके मोबाइल का एक्सेस मिल जाता है। ऐसे में मोबाइल आपके हाथ में रहता है और उसका रिमोट साइबर अपराधी के पास चला जाता है। इससे बचने के लिए किसी भी अज्ञात नंबर से आने वाले लिंक को न खोलें।
साइबर सेल में ऐसी शिकायतें आ रही है। लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। साइबर सेल भी लोगों को साइबर अपराधियों से बचाने के लिए प्रचार भी किया है। साइबर एक्सपर्ट लगातार काम भी कर रहे हैं।
-रामअर्ज, एसपी क्राइम