स्मृति ईरानी ने कहा कि भाजपा सरकार ने हमेशा किसान हितों को सामने रखते हुए काम किया है। चाहे वह गन्ना भुगतान का मामला रहा हो या फिर कृषि संबंधी अन्य योजनाएं। डेयरी परियोजना पशुपालन विभाग से संबंधित योजनाएं, ऐसी तमाम योजनाएं जो किसानों से संबंधित हैं। केंद्र सरकार ने उन तमाम योजनाओं में मोटी रकम दी है। इससे साफ पता चलता है कि भाजपा सरकार ने किसानों का हित सबसे पहले रखा है।
एमएसपी को लेकर विपक्षी दल किसानों को भ्रमित कर रहे हैं। वहीं किसानों को भी यह समझना चाहिए कि पहले वह अपनी उपज जनपद के भीतर ही भेजने को मजबूर होते थे, लेकिन आज पूरे देश में कहीं भी बेरोकटोक ले जा सकते हैं और दाम तय करने का अधिकार भी किसान के पास होगा, तो इससे किसान को आजादी तो मिल ही है, उन्नति के पथ पर भी आगे बढ़ेगा।
केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश का किसान संपन्न है और वह समझता है कि बिल उसके पक्ष में है। जो लोग विरोध कर रहे हैं और विरोध कहां से पैदा हो रहा है यह भी अब किसानों की समझ में आ गया है। यह सब एक राजनीति का हिस्सा है, क्योंकि उनकी राजनीतिक जमीन खिसक चुकी है और उस जमीन को किसानों के कंधे पर बंदूक रखकर पाने की कोशिश में लगे हैं।
सभा की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष अनुज राठी और संचालन महानगर अध्यक्ष मुकेश सिंघल ने किया। सभा में सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह, सांसद राजेंद्र अग्रवाल, विधायक संगीत सोम, सोमेंद्र तोमर कुमार विजेंद्र, विजयपाल आढ़ती, प्रदेश सरकार के मंत्री कपिल देव अग्रवाल, विजय पाल कश्यप, भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राजा वर्मा आदि ने संबोधित किया।