परीक्षितगढ़। चिकित्सक के दो बेटों की सरकारी अस्पताल मैं नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने के मामले में पकड़े गए दो आरोपियों को पुलिस ने छोड़ दिया। पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर व्यापारियों में रोष है। व्यापारियों का कहना है पुलिस के उच्चाधिकारियों से मिलकर कार्रवाई की मांग करेंगे।
नगर के मोहल्ला खजूरी दरवाजा निवासी चिकित्सक ओमकार सिंह का आरोप है कि उसके बेटे अनुज को फार्मासिस्ट और राहुल को सीनियर फिजियोथेरेपिस्ट को मुरादाबाद के सरकारी अस्पताल में सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर जिला हापुड़ के कस्बा सिंभावली बक्सर निवासी व्यक्ति व बुलंदशहर के गुलावठी निवासी व्यक्ति ने साढ़े आठ लाख रुपये की ठगी की है। सोमवार को दोनों आरोपी फर्जी नियुक्त पत्र लेकर उसके पास पहुंचे और चिकित्सक ओमकार से पांच लाख रुपये की मांग की। चिकित्सक ने दोनों को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था। पीड़ित चिकित्सक डॉ. ओमकार ने आरोप लगाया कि पकड़े गए दोनों आरोपियों ने साढे आठ लाख रुपये ठगी करने की बात पुलिस पूछताछ में कबूली थी लेकिन पुलिस ने कार्रवाई करने की बजाय उन्हें साठगांठ कर छोड़ दिया। संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष सुधीर गर्ग का कहना है कि पुलिस द्वारा पकड़े गए दोनों आरोपियों को थाने से छोड़ने पर व्यापारियों में रोष है। जल्द ही व्यापारियों की बैठक कर पुलिस की शिकायत उच्चाधिकारियों से की जाएगी और पीड़ित चिकित्सक को न्याय दिलाया जाएगा।