स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत प्रदेश को खुले में शौच से मुक्त कराने के लिए उत्तर प्रदेश शासन जुट गया है। मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से सभी कमिश्नर और डीएम को इस अभियान में गंभीरता से जुटने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 30 जिलों को हर हाल में 31 दिसंबर तक खुले में शौच से मुक्त करना है। इसमें मेरठ मंडल के मेरठ सहित पांच जिले भी शामिल हैं।
एनआईसी में शनिवार को स्वच्छ भारत मिशन की वीडियो कान्फ्रेंस के जरिये समीक्षा की गई। मुख्य सचिव राहुल भटनागर, परमेश्वरन अय्यर सचिव पेयजल एवं स्वच्छता भारत सरकार, चंचल तिवारी प्रमुख सचिव पंचायती राज आदि ने प्रदेश के सभी कमिश्नर, डीएम, सीडीओ और डीपीआरओ के साथ समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कहा कि ओडीएफ योजना केंद्र और प्रदेश दोनों सरकारों की प्राथमिकता में शामिल है। इसलिए योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 30 जनपद सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल हैं, जिन्हें हर हाल में 31 दिसंबर तक संतृप्त करना है। मेरठ कमिश्नर आलोक सिन्हा ने कहा कि उनके मंडल के मेरठ सहित हापुड़, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर और बागपत इस योजना में शामिल हैं। इनमें बागपत में थोड़ा देर से काम पूरा होगा, लेकिन बाकी जिलों में तेजी से काम हो रहा है। उन्होंने बताया कि मंडल के 259 गांव ओडीएफ से संतृप्त करते हुए यहां पर 81340 शौचालय बनाये जा चुके हैं। डीएम बी. चंद्रकला ने कहा कि मेरठ जिले में अब तक 109 गांव संतृप्त हो चुके हैं। 30 हजार शौचालयों के लक्ष्यों के सापेक्ष 36371 शौचालय अब तक बनाये जा चुके है। इस दौरान 3157 शौचालय निर्माणाधीन है। सचिव पेयजल एवं स्वच्छता भारत सरकार परमेश्वरन अय्यर ने बताया कि टाटा समूह की ओर से 600 योग्य अधिकारियों को इस अभियान से जोड़ा जा रहा है। जिसमें से एक-एक सदस्य प्रत्येक जिले में डीएम के नेतृत्व वाली टीम को सहयोग देगा। प्रमुख सचिव पंचायती राज चंचल तिवारी ने कहा कि हर ग्राम में महिला चैंपियन को चिन्हित कर उन्हें सम्मानित किया जाएगा।