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नाले नहीं, काली नदी सफा करा रहे जनप्रतिनिधि

Sun, 26 Mar 2017 01:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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नगर निगम का पूरा ध्यान काली नदी की सफाई पर है, जबकि नदी सिंचाई विभाग के अंतर्गत है। वहीं शहर के नाले सफाई न होने के कारण उफन रहे हैं। शनिवार को पूर्व शहर विधायक और महापौर ने काली नदी का निरीक्षण किया। नगर निगम सीमा से बाहर अलीपुर गांव में काली नदी की सफाई कराने की भी योजना बनाई।
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 शहर के नालों की सफाई की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। नालों से सटे इलाकों में जलभराव से जनता परेशान है। पूर्व शहर विधायक और महापौर के निर्देश पर नगर निगम प्रशासन ने पोर्कलेन मशीनें काली नदी की सफाई में लगा दी हैं। ओडियन नाले में हापुड़ रोड पुराना कमेला पुलिया से आगे शास्त्रीनगर की तरफ नाले में पानी तली में है, जबकि कांच के पुल से पीछे नाला उफन रहा है। शनिवार को शहर विधायक और महापौर ने गांव अलीपुर के सामने तक काली नदी की सफाई का प्रस्ताव पास कर दिया। हालांकि भाजपा नेताओं के इस प्रस्ताव को लेकर पार्षदों में भी चर्चा है। पार्षद पंकज कतीरा का कहना है कि  शहर के नालों की हालत खराब है। फिर भी काली नदी की सफाई कराई जा रही है। निगम की मशीनरी को काली नदी पर लगाए जाने का कोई औचित्य ही नहीं है। निगम के खजाने को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।

तीन अप्रैल को सिंचाई विभाग के साथ बैठक
मेरठ। काली नदी की सफाई को लेकर महापौर ने आगामी तीन अप्रैल को सिंचाई विभाग की बैठक बुलाई है। महापौर हरिकांत अहलुवालिया का भी मानना है कि यदि नगर निगम ने पूरी मशीनरी काली नदी की सफाई पर लगा दी तो शहर के अंदर के नालों की हालत खराब हो जाएगी। वैसे भी काली नदी सिंचाई विभाग की है। पूर्व में भी सिंचाई विभाग ही काली नदी की सफाई करता रहा है। 
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