शहीद जनेश्वर के घर के बाहर ग्रामीणों को लगा हुआ जमावडा।
- देर रात पार्थिव शरीर मेरठ पहुंचा, आज होगा अंतिम संस्कार, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
संवाद न्यूज एजेंसी
माछरा। मुंडाली थाना क्षेत्र के गांव रछौती निवासी एवं सेना के जवान जनेश्वर कुमार की पार्थिव देह का इंतजार लंबा होता जा रहा है। बृहस्पतिवार रात करीब 10 बजे उनका पार्थिव शरीर शिमला से लेकर परिजन मेरठ पहुंचे। आज उनका पैतृक गांव में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होगा। वह हिमाचल प्रदेश में शिमला के नजदीक 15 दिन पहले सैन्य वाहन हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बुधवार की सुबह इलाज के दौरान जनेश्वर का निधन हो गया।
गांव रछौती निवासी जनेश्वर 12 वर्षों से सेना की कुमाऊं रेजिमेंट की 11वीं बटालियन में तैनात थे। वर्तमान में उनकी तैनाती शिमला में थी। 15 दिन पूर्व शिमला के नजदीक सैन्य वाहन दुर्घटना में घायल होने पर उनका नजदीक के मिलिट्री हॉस्पिटल में उपचार चल रहा था। बुधवार को सेना के अधिकारियों की ओर से कॉल कर परिजनों को जनेश्वर के निधन की सूचना दी गई। परिजन बुधवार को ही शिमला के लिए रवाना हो गए थे। वहीं जनेश्वर के निधन की खबर से उनके घर पर भी ग्रामीणों और रिश्तेदारों का जमावड़ा लग गया। जनेश्वर के छोटे भाई प्रदीप पार्थिव शरीर को लेने के लिए शिमला गए हुए हैं।
उन्होंने फोन पर बताया कि वह जनेश्वर के पार्थिव शरीर का पोस्टमार्टम कराने और औपचारिकताएं पूरी करने के बाद मेरठ के लिए रवाना हो गए हैं। रात करीब 10 बजे शहीद जनेश्वर का शव मेरठ पहुंचा। अब शुक्रवार को ही राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार गांव के श्मशान पर किया जाएगा। जनेश्वर के बेटा चीनू, बेटी मन्नो, छोटा बेटा चिंटू और पत्नी नीतू सहित मां का रो-रोकर बुरा हाल था। दिनभर परिजन घर के बाहर की पार्थिव शरीर आने का इंतजार करते रहे। शहीद के घरों के बाहर सैकड़ों ग्रामीणों का तांता लगा हुआ है।
पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के कारण हुई देरी
जनेश्वर के भाई अमित ने बताया कि सैन्य अधिकारियों की ओर से सूचना मिलते ही परिजन तुरंत शिमला के लिए रवाना हो गए थे। वहां सैन्य अस्पताल में पोस्टमार्टम व अन्य कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने में काफी वक्त लगा। औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही शहीद के पार्थिव शरीर को लेकर परिजन मेरठ की ओर रवाना हुए। पहाड़ी रास्तों और लंबी दूरी के कारण वह बृहस्पतिवार देर रात तक मेरठ पहुंचे।
शहीद जनेश्वर के घर के बाहर ग्रामीणों को लगा हुआ जमावडा।