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खाप चौधरियों के सम्मान में न हो कोई कमी: नरेश टिकैत

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शामली क्षेत्र के गांव कुड़ाना में आयोजित पंचायत में भाग लेते भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत और अन्य ख? - फोटो : SHAMLI
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खाप चौधरियों के सम्मान में न हो कोई कमी: नरेश टिकैत
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शामली। गांव कुड़ाना में हुई गठवाला खाप की पंचायत में भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि खाप चौधरियों के सम्मान में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। गठवाला खाप को मंच की व्यवस्था संभालनी है। हर घर से दो किलो आटे की रोटी घी में चुपड़कर लानी है। अब समय आ गया है कि मुजफ्फरनगर महापंचायत को सफल बनाने के लिए खाप के चौधरी बंद कमरे में बैठकर वार्ता कर लें।
गांव कुड़ाना की खूनी पट्टी चौपाल में आयोजित गठवाला खाप की इस पंचायत की अध्यक्षता खाप चौधरी राजेंद्र सिंह ने की। भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि पांच सितंबर को मुजफ्फरनगर में होने वाली महापंचायत संयुक्त किसान मोर्चा की है और इसमें किसान बनकर जाएं। वर्ष 2003 में मायावती प्रकरण हो उसमें गठवाला खाप के चौधरी हरिकिशन मलिक और बाबा सीताराम का योगदान रहा है। शामली और मुजफ्फरनगर संयुक्त जिला एतिहासिक रहा है। भूल चूक होती रहती है। खाप चौधरियों के सम्मान में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। मुजफ्फरनगर में पांच सितंबर की सभास्थल के मंच की व्यवस्था गठवाला खाप को संभालनी है।
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पंचायत का संचालन सवित मलिक, अमित मलिक ने संयुक्त रूप से किया। इसमें गठवाला खाप की पंचायत में थांबेदार श्याम सिंह, संजय कालखंडे, वीरेंद्र सिंह लाटियान, पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक, जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष तरसपाल मलिक, रालोद के पूर्व जिलाध्यक्ष डाक्टर योगेंद्र चेयरमैन, जितेंद्र मलिक लिसाढ़, रणधावा मलिक, बुढ़ाना के पूर्व ब्लाक प्रमुख विनोद मलिक, भाकियूूूूूूूू नेता धर्मेंद्र मलिक, कंवर पाल मालेंडीं, सरदार गुरुप्रीत सिह, बाबूूराम पंवार, शोकेंद्र मलिक, मांगेराम मलिक, नेपाल सिंह, कपिल खाटियान, देवराज पहलवान, सुनील मलिक आदि ने संबोधित किया और पांच सितंबर को मुजफ्फरनगर में होने वाली महापंचायत में पहुंचाने का आह्वान किया।
बलि का बकरा नहीं बनना चाहती गठवाला खाप: राजेंद्र सिंह
शामली। मुजफ्फरनगर की महापंचायत में शामिल होने के मुद्दे पर आज ही फैसला लेने के लिए गठवाला चौधरी राजेंद्र सिंह पर दबाव बना तो वह बोले एक दो दिन में इस पर निर्णय लेंगे, गठवाला खाप बलि का बकरा नहीं बनेगी। इस पर पंचायत में हंगामा हो गया और चौधरी नरेश टिकैत उठकर चले गए।
पंचायत की अध्यक्षता करते हुुए गठवाला खाप के चौधरी राजेंद्र मलिक ने कहा कि कुुरावे की पंचायत में उन्हें बुलाया गया, वह शामिल हुए। इसके पहले की पंचायतों में उन्हें नहीं बुलाया गया और वह शामिल नहीं हुए। गठवाला खाप हमेशा किसान के साथ रही है। गठवाला खाप ने वर्ष 1987 के आंदोलन में बलिदान दिया था, तब से लेकर किसानों के साथ है, लेकिन वर्ष 2013 के दंगे में गठवाला खाप की सुध नहीं ली है। इस बार गठवाला खाप बलि का बकरा नहीं बनना चाहती है। इस बार वह अगुुवाई नहीं करेगी। पांच सितंबर की मुजफ्फरनगर किसान महापंचायत को लेकर गठवाला खाप के थांबेदारों में कोई बातचीत नहीं हुई है। अगले तीन दिन में गठवाला खाप पंचायत करके मुजफ्फरनगर महापंचायत में जाने का निर्णय लेगी। खाप चौधरी के इतना कहते ही पंचायत में शोरशराबा और हंगामा हो गया। पंचायत में खाप चौधरी राजेंद्र मलिक पर फैसला करने का दबाव बना रहे थे। राजेंद्र मलिक सुन जाओ, थम जाओ माइक से कहते रहे।
-गठवाला खाप के चौधरी राजेंद्र मलिक के बयान से कुड़ाना पंचायत में हंगामा, नरेश टिकैत पंचायत से उठकर चले गए
शामली। पांच सितंबर को मुजफ्फरनगर को होनी वाली किसान महा पंचायत में हंगामा और शोर शराबा होगया। शोरशराबा होते देख भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत पंचायत छोड़कर आगए। पंचायत में लोग गठवाला खाप के चौधरी राजेंद्र सिंह मलिक पर पांच सितंबर को मुजफ्फरनगर को होनी वाली किसान महा पंचायत में शामिल होने के लिए आज निर्णय देने का दबाव बना रहे थे।
सोमवार की दोपहर बाद कुड़ाना गांव की खूनी पट्टी की चौपाल में गठवाला खाप की पंचायत शुरु हुई। गठवाला खाप के चौधरी राजेंद्र मलिक की अध्यक्षता में हुई पंचायत में भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने ने कहा कि वर्ष 1987 से लेकर अभी तक गठवालाखाप का किसान आंदोलन में योगदान रहा है। मुजफ्फरनगर में पांच सितबर को राजकीय इंटर कालेज के मैदान में किसान महापंचायत किसान सयुक्त मोर्चा की महापंचायत है। इस महापंचायत में किसान बनकर जाए। अब समय आगया है कि मुजफफरनगर महापंचायत को सफल बनाने के लिए खाप के चौधरी बंद कमरे में बैठकर वार्ता करले। वर्ष 2003 में मायावती प्रकरण हो उसमें गठवाला खाप के चौधरी हरिकिशन मलिक और बाबा सीता राम का योगदान रहा है। शामली और मुजफ्फरनगर सयुक्त जिला ऐतिहासिक रहा है। भूल चूक होती रहती है। खाप चौधरियो के सम्मान में कोई कमी नही होनी चाहिए। मुजफ्फरनगर पांच सितबंर की सभास्थल के मंच की व्यवस्था गठवाला खाप को संभालनी है। उन्होंने कहा कि गठवाला खाप को पांच सितबर की मुजफ्फरनगर पंचायत के लिए हर घर से दो किलो आटे की रोटी घी में चुपड़वार करलेजानी है। पंचायत की अध्यक्षता करते हुुए गठवाला खाप के चौधरी राजेंद्र मलिक ने कहा कि कुुरावे की पंचायत में उन्हे बुलाया गया,वह शामिल हुए। पहले पंचायतों में उन्हे नही बुलाया गया जिससे वह नही शामिल नही हुए। गठवालाखाप किसान के साथ हमेशा से रहा है।वर्ष 1987 से लेकर अब तक किसानो के साथ खडा है।गठवाला खाप ने वर्ष 1987 के आंदोलन में बलिदान दिया था। वर्ष 2013 के दंगे में गठवाला खाप की सुध नही ली है। इस बार गठवाला खाप बलि का बकरा नही बनना चाहता है। इसबार वह अगुुवाई नही करेगा। पांच सितंबर की मुजफ्फरनगर किसान महा पंचायत को लेकर गठवाला खाप के थांबेदारो में कोई बातचीत नही हुई है। अगले तीन दिन में गठवाला खाप पंचायत करके मुजफ्फरनगर महापंचायत में जाने का निर्णय लेगा। खाप चौधरी राजेेंद्र मलिक के इतना कहते ही पंचायत में शोर शराब और हंगामा होगया। पंचायत मे दूसरी ओर खाप चौधरी राजेद्र मलिक पर पंचायत पर फैसला करने का दबाब बना रहे थे।राजेंद्र मलिक सुन जाओ, थम जाओ माइक से कहते रहे। इसी बीच भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत पंचायत छोडकर चले गए।संचालन सवित मलिक, अमित मलिक ने किया।
इसमौके पर कुड़ाना गांव में गठवाला खाप की पंचायत में थाबेदार श्याम सिंह, संजय कालखंडे, वीरेंद्र सिंह लाटियान, पूर्व सासद हरेद्र मलिक, जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष तरसपाल मलिक, रालोद के पूर्व जिलाध्यक्ष डाक्टर योगेंद्र चेयरमेन, जितेंद्र मलिक लिसाढ, रणधावा मलिक, बुढाना ब्लाक प्रमुख विनोद मलिक, भाकियूूूूूूूू नेता धर्मेद्र मलिक, कंवर पाल मालेंडीं,सरदार गुरुप्रीत सिह, बाबूूराम पंवार, शोकेद्र मलिक, मांगेराम मलिक, नेपाल सिंह, कपिल खाटियान, देवराज पहलवान, सुनील मलिक, समेत किसान नेताओ ने सबोधित किया।सभी वक्ताओ ने पांच सितंबर को मुजफ्फरनगर में होने वाली महापंचायत में पहुचाने का आहवान किया।
मेघालय राज्यपाल सत्यपाल मलिक का अभिनंदन करेगी भाकियू
शामली। भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि कि मेघालय के राज्यपाल सतपाल मलिक के किसानों के साथ खडे़ होने वाले बयान के बाद उनका अभिनंदन किया जाएगा। राष्ट्रीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सवित मलिक ने सतपाल मलिक से फोन पर बात की। राज्यपाल सतपाल मलिक ने किसान आंदोलन को समर्थन किया। पंचायत में उपस्थित किसानों को राज्यपाल के बयान को सुनवाया गया। पंचायत में पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक ने खडे़ होकर मेघालय के राज्यपाल सतपाल मलिक के बयान की प्रशंसा करते हुए पांच सितंबर की महापंचायत के बाद मेघालय के राज्यपाल का अभिनंदन करने का प्रस्ताव रखा और कहा कि बघरा या पीन्ना में यह कार्यक्रम किया जाएगा। नरेश टिकैत ने कहा कि मुजफ्फरनगर पंचायत के बाद यह अभिनंदन होगा। संवाद
गठवाला-बालियान खाप के चौधरियों, चौधरी चरण सिंह- अजित के गूंजे नारे
शामली। कुड़ाना गांव की पंचायत में गठवाला खाप के चौधरी हरिकिशन मलिक, भाकियू के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी महेंद्र सिह टिकैत, पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह, पूर्व मंत्री अजित सिंह, सर छोटू राम के नारे गूंजते रहे। गठवाला खाप के बहावड़ी थांबेदार श्याम सिंह ने प्रदेश के गन्ना मंत्री सुरेश राणा के बयान बकाया भुगतान भी कराएंगे और गन्ना के भाव में बढ़ाएंगे के दिए बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा कि गन्ना मंत्री किसानों का बकाया गन्ना भुगतान दिलाने में क्यों देरी कर रहे है। शामली चीनी मिल गन्ना भुगतान में देेरी कर रहा है। सुरेश राणा शामली चीनी मिल से गन्ने का भुगतान कराए।
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खाप चौधरियों को भेंट की पगड़ी
कुड़ाना गांव के प्रधान राजेंद्र मलिक ने खाप चौधरी भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत, गठवाला खाप के चौधरी राजेंद्र सिंह मलिक, लाटियान खाप के चौधरी वीरेंद्र सिंह लाटियान, बहावडी थांबेदार चौधरी श्याम सिंह, बतीसा खाप के चौधरी के प्रतिनिधि शोकेंद्र सिंह, पुरा महादेव खाप के चौधरी आजाद सिंह, वीरसैन, बाबा रविंद्र लांक, ईश्वर सिंह मलिक, संजय कालखंडे आदि खाप चौधरियों को पगड़ी सौंपकर सम्मानित किया।
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