छात्रवृत्ति घोटाले में गिरफ्तार किए गए आईटीआई संचालक अनिल कुमार ने सहारनपुर में कई आईटीआई खोलीं, जिनमें छात्रवृत्ति को लेकर घोटाला उजागर हुआ। इनमें से एक आईटीआई चकहरेटी में कई साल से संचालित है। वहीं, तीन महीने पहले ही अनिल ने राजनीतिक चोला ओढ़ लिया और आजाद समाज पार्टी ने उसे सहारनपुर का पहला जिलाध्यक्ष भी बना दिया गया।
दरअसल, छात्रवृत्ति घोटाले पर उत्तराखंड में एसआईटी का गठन हुआ था। मामले में ओम संतोष पैरामेडिकल आईटीआई, यश पैरोमेडिकल प्राइवेट आईटीआई भगवानपुर के खिलाफ 2019 में दो अलग-अलग मुकदमे थाना भगवानपुर में दर्ज कराए गए थे। वहीं, ओम संतोष पैरामेडिकल आईटीआई सहारनपुर के खिलाफ हरिद्वार के थाना सिडकुल और देहरादून के थाना डालनवाला में भी एक-एक मुकदमा दर्ज कराया गया था। एसआईटी की जांच में सामने आया है कि साल 2011 से 2017 के बीच ओम संतोष पैरामेडिकल आईटीआई भगवानपुर, यश पैरोमेडिकल प्राइवेट आईटीआई भगवानपुर, ओम संतोष पैरामेडिकल आईटीआई सहारनपुर के नाम से उत्तराखंड के हरिद्वार और देहरादून समाज कल्याण विभाग से तीन करोड़ रुपये से ज्यादा छात्रवृत्ति के रूप में लिया गया था, लेकिन छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति नहीं मिली थी।
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उधर, गत मंगलवार को ही उत्तराखंड पुलिस ने आईटीआई संचालक अनिल कुमार निवासी मांडूवाला, खुजनावर सहारनपुर को गिरफ्तार किया। गुरुवार को अमर उजाला टीम ने जनता रोड पर ओम संतोष पैरामेडिकल आईटीआई पर पहुंचकर पड़ताल की। वहां पर अनुदेशक अमित कुमार मिले। छात्र छात्राएं वहां नहीं थे। अमित कुमार ने बताया कि आईटीआई में इस समय एचएसआई में 130 और फिटर ट्रेड में 20 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। छात्रवृत्ति घोटाले के बारे में पूछने पर उन्होंने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।
हम जांच कराएंगे, अभी कुछ नहीं कह सकते : चंद्रशेखर
आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद का कहना है कि इस बारे में उन्हें अभी कोई जानकारी नहीं है। अनिल पर क्या आरोप है, इसकी वह जांच कराएंगे। उसके बाद ही कुछ कह सकेंगे।
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