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हस्तिनापुर के प्राचीन स्थलों के संरक्षण की जरूरत : महामंडलेश्वर दीनबंधु दास

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प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर पर हस्तिनापुर के प्राचीन स्थलों की जानकारी लेते महामंडलेश्वर
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- हस्तिनापुर पहुंचे श्रीधाम वृंदावन चित्रकूट के महामंडलेश्वर
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- धार्मिक स्थलों के दर्शन कर बोले- उपेक्षित हैं प्राचीन धरोहरें


संवाद न्यूज एजेंसी
हहस्तिनापुर (मेरठ)। श्रीधाम वृंदावन-चित्रकूट के महामंडलेश्वर एवं प्रसिद्ध कथावाचक दीनबंधु दास महाराज ने शुक्रवार को पांडव नगरी हस्तिनापुर पहुंचकर यहां के प्राचीन धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण किया और पूजा-अर्चना की। उन्होंने हस्तिनापुर के गौरवशाली इतिहास को सराहा, लेकिन वर्तमान में विकास और संरक्षण की कमी पर चिंता भी व्यक्त की।
महामंडलेश्वर दीनबंधु दास ने कहा कि उन्होंने महाभारत और अन्य पौराणिक ग्रंथों में हस्तिनापुर के वैभव के बारे में पढ़ा और सुना था। लंबे समय से यहां आने की इच्छा थी, जो अब पूरी हुई। उन्होंने कहा कि हस्तिनापुर एक अत्यंत प्राचीन और ऐतिहासिक नगरी है, जिसका संबंध महाभारत काल के साथ-साथ प्राचीन सभ्यताओं से भी रहा है।
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उन्होंने जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर, पांडेश्वर महादेव मंदिर, द्रौपदी घाट, कर्ण मंदिर और द्रौपदेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने पांडव टीला सहित अन्य प्राचीन स्थलों का निरीक्षण किया और वहां की स्थिति का जायजा लिया।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हस्तिनापुर के बारे में उन्होंने पढ़ा और सुना था, वैसी भव्यता और संरक्षण आज यहां देखने को नहीं मिल रहा है। कई प्राचीन स्थल उपेक्षा के शिकार हैं और उनकी देखरेख के लिए कोई ठोस व्यवस्था नजर नहीं आती। उन्होंने चिंता जताई कि यदि समय रहते इन धरोहरों के संरक्षण पर ध्यान नहीं दिया गया तो यह अमूल्य विरासत धीरे-धीरे अपनी पहचान खो सकती है। जयंती माता शक्तिपीठ के अध्यक्ष एवं संस्थापक सुदेश कुमार ने उन्हें क्षेत्र के ऐतिहासिक स्थलों की जानकारी दी। इस मौके पर आचार्य मुकेश शांडिल्य सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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मुख्यमंत्री-प्रधानमंत्री को लिखेंगे पत्र

महामंडलेश्वर दीनबंधु दास महाराज ने कहा कि हस्तिनापुर के प्राचीन धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की उपेक्षा चिंताजनक है। उन्होंने बताया कि इन धरोहरों के संरक्षण और समुचित विकास के लिए वह प्रदेश के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री को पत्र लिखेंगे। पत्र के माध्यम से हस्तिनापुर को धार्मिक-पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने और प्राचीन स्थलों की देखरेख के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की जाएगी।

प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर पर हस्तिनापुर के प्राचीन स्थलों की जानकारी लेते महामंडलेश्वर

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