खंद्रावली गांव में शनिवार रात एक दर्जन बदमाशों ने किसान के परिवार को बंधक बनाकर लाखों रुपये की डकैती डाली। बदमाशों ने किसान और उनकी पत्नी के साथ मारपीट की। आरोप है कि कई घंटे तक इंस्पेक्टर किठौर मामले को दबाकर चोरी की घटना बताते रहे। वहीं, एसएसपी और एसपी देहात ने भी मौके पर पहुंचकर जानकारी ली।
किठौर थाना क्षेत्र के खंद्रावली निवासी गुलजार पुत्र दिलशाद किसान हैं। शनिवार रात करीब साढ़े 12 बजे 10-12 कच्छा बनियान धारी बदमाश हाथों में लाठी डंडे और सरिया लेकर दीवार फांदकर घर में घुस गए। बदमाशों ने जान से मारने की धमकी देते हुए घर में मौजूद सदस्यों को एक कमरे में बंद कर दिया। विरोध करने पर बदमाशों ने गुलजार और उसकी पत्नी जुबैदा को जमकर पीटा। मारपीट में वह लहूलुहान अवस्था में बेहोश होकर जमीन पर गिर पडे़। जिसके बाद बदमाशों ने करीब एक घंटे तक जमकर लूटपाट की और सरिये से सेफ और संदूक के ताले तोड़ दिए। बदमाश ने घर में रखे 33 हजार रुपये, कुंडल, अंगूठी, चेन, पाजेब आदि सोने चांदी के जेवरात लूटकर ले गए। बाद में बदमाश बाहर से दरवाजा बंद कर फरार हो गए।
थाना प्रभारी ने लूट की तहरीर लेने से इंकार कर दिया
मामले की जानकारी लेते एसपी देहात
रविवार सुबह इंस्पेक्टर किठौर और डॉग स्क्वायड व फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट टीम ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की। आरोप है कि घटना के बाद थाना प्रभारी ने लूट की तहरीर लेने से इंकार कर दिया तथा चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराने का दबाव बनाया। इस पर ग्रामीणों ने इंस्पेक्टर के खिलाफ नारेबाजी कर एसपी देहात को सूचना दी। एसपी देहात राजेश कुमार मौके पर पहुंचे और मामला दर्ज करने के लिए कहा। शाम को एसएसपी मंजिल सैनी ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार से घटना की जानकारी ली। एसएसपी ने बताया कि डकैती का मुकदमा दर्ज कराया गया है। खुलासे के लिए क्राइम ब्रांच को भी लगाया गया है।
बेटी की शादी के लिए लाए थे जेवरात
गुलजार ने बताया कि करीब एक माह बाद उसकी बेटी निशा की शादी है। जिसके लिए वह जेवरात लाए थे। उसने बताया कि शादी के लिए उसने कुछ पैसे किसी के पास रख रखे थे। गनीमत रही, वह घर में नहीं थे।
घायल तड़पते रहे, पुलिस मामला दबाने में लगी रही
मौके पर पहुंची एसएसपी मंजिल सैनी
पुलिस के उच्च अधिकारी आदेश देते हों कि पीड़ित को इंसाफ मिलेगा, उसकी तत्काल रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। लेकिन पुलिस थानों में इन आदेशों को दरकिनार कर दिया जाता है। खंद्रावली में घायल दंपति इलाज के लिए तड़पता रहा। लेकिन किठौर पुलिस मामले को ही दबाने में लगी रही।
डकैती की घटना के करीब दो घंटे बाद इंस्पेक्टर जब मौके पर पहुंचे तो उन्होंने डकैती को चोरी बनाने के लिए मानवीय संवेदनाओं को भी ताक पर रख दिया। दंपति लहूलुहान हालत में बेहोश पड़ा था। लेकिन इंस्पेक्टर पूछताछ व जांच में लगे रहे। घायलों को अस्पताल भी नहीं भेजा। आरोप है कि इंस्पेक्टर ने किसान की बेटी व ग्रामीणों से कहा कि घटना देख ली, कहीं भी ले जाकर इलाज करा लो।
ग्रामीण बेहोश दंपति को लेकर मेडिकल गए तो वहां बिना पुलिस चिट्ठी के भर्ती करने से इंकार कर दिया। इस पर ग्रामीण उन्हें लेकर वापस घर लौट गए। इस दौरान पहुंचे सीओ किठौर पंकज कुमार सिंह भी घटना की जानकारी लेकर चुप रहे। सुबह साढ़े नौ बजे एसपी देहात ने मौके पर पहुंचते ही सबसे पहले दंपति को अस्पताल भेजा। आरोप है कि इंस्पेक्टर ने घटना में तीन बदमाश बताकर पीड़ित परिवार से तहरीर बदलवा ली।
पीटने के बाद बदमाश बोले, ये तो मर गया
घायल महिला
चाबी देने का विरोध करने पर बदमाशों ने गुलजार से मारपीट की, जिससे वह बेहोश होकर गिर गया गया। पीड़ित गुलजार ने बताया कि बदमाशों की दहशत से वह लेटा रहा और हिला तक नहीं। उसने बताया कि बदमाशों ने उसे एक बार पैर मारकर भी देखा और कहा कि ये तो मर गया। दो बदमाशों पर तमंचे भी थे।
तो सस्पेंड कर दूंगी
किठौर क्षेत्र में बढ़ते अपराध को लेकर पीड़ित लोग कई बार एसपी देहात और सीओ से भी शिकायत कर चुके हैं। रविवार को थाना प्रभारी ने पुलिस अफसरों को भी गुमराह किया। मौके पर पहुंचीं एसएसपी मंजिल सैनी दहल ने पीड़ित परिवार से बात करने के बाद कहा यदि घायल दंपति को समय से अस्पताल न भेजने के आरोपों की जांच कराई जा रही है। आरोप सही मिले तो इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई होगी। थाने में ओआर के लिए पहुंचीं एसएसपी ने इंस्पेक्टर से कहा कि समझ लेना, एक मिनट में सस्पेंड कर दूंगी।
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