व्हाट्सऐप ग्रुप पर धर्म विशेष पर कथित टिप्पणी से गुस्साए युवकों ने एकजुट होकर गुरुद्वारे पर हमला बोल दिया और तोड़फोड़ की गई। इसके बाद गुरुद्वारे को क्षति पहुंचाने का प्रयास किया गया। पास ही स्थित एक सिख के घर पर जमकर पथराव भी किया गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बामुश्किल स्थिति पर काबू पाया। गांव में सुरक्षा की दृष्टि से पीएससी तैनात कर दी गई है। पुलिस ने कथित टिप्पणी करने और सिख परिवार पर हमला करने के आरोप में छह लोगों को हिरासत में लिया है।
रेहड़ में शनिवार रात करीब साढ़े दस बजे उस समय तनाव के हालात बन गए, जब एक किशोर ने व्हाट्सऐप ग्रुप पर धर्म विशेष पर कथिल टिप्पणी अपने मोबाइल से किसी ग्रुप पर फॉरवर्ड कर दी। इससे वह समुदाय भड़क गया। रात में ही इस समुदाय के युवक एकजुट होकर गुरुद्वारे पर जा धमके। इसके बाद कथित टिप्पणी करने वाले युवक का पता लगाने के बजाय उन्होंने हाईवे किनारे स्थित गुरुद्वारे के पास रह रहे स्वर्ण पुत्र सरदूल के घर पर हमला बोल दिया। उसके घर पर युवकों ने जमकर पथराव किया। इसके बाद परिवार से मारपीट की गई। बेकाबू युवकों ने इसके साथ ही गुरुद्वारे को क्षति पहुंचाने की कोशिश की। इन युवकों ने गुरुद्वारे की दीवार भी तोड़ दी।
पुलिस चौकन्नी होती तो नहीं होता तनाव
गुरुद्वारे पर किया हमला
घटना की सूचना पर मौके पर पहुंची कई थानों की पुलिस ने स्थिति को बामुश्किल नियंत्रण में किया। आरोप है कि इसके बाद गैर समुदाय के युवकों ने बीच बाजार में जमकर उत्पात मचाया। बाजार में दूसरे धर्मों को लेकर जमकर टिप्पणियां की गईं। साथ ही गाली-गलौज भी हुई। पुलिस की जांच में पता लगा कि व्हाट्सऐप ग्रुप पर एक नाबालिग ने अपने मोबाइल से कथिल टिप्पणी को किसी ग्रुप में फॉरवर्ड कर दिया था। पुलिस ने शानू पुत्र गुलाम नबी की तहरीर पर उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 153ए, 295, 16 आईटी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज की है।
दूसरी ओर, स्वर्ण सिंह पुत्र सरदूल की तहरीर पर पुलिस ने अमन पुत्र दिलशाद, अकरम पुत्र गुलाम नबी, राशिद पुत्र जाकिर, जिशान पुत्र जुल्फिकार व इमरान पुत्र अय्यूब के खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 149, 323, 504, 506, 452 में रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके बाद पुलिस ने शांति-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गांव में फ्लैग मार्च निकाला।
सूत्रों का कहना है कि पुलिस मामले को लेकर जरा भी सतर्कता दिखाती तो तनाव की स्थिति नहीं होती। सिख के घर पर धावा बोलने से पहले ही मामला पुलिस के संज्ञान में ला दिया गया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझने में चूक की और इसके बाद उपद्रवी लामबंद हो गए। मामले ने तूल पकड़ लिया तो पुलिस हरकत में आई।
स्थिति नियंत्रण मे : एसओ
इस संबंध में एसओ बिजेंद्र पाल सिंह का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। शरारती तत्वों को हिदायत दे दी गई है कि यदि उन्होंने कोई भी गैरकानूनी काम किया तो तो बख्शा नहीं जाएगा।
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