देशभर में स्वच्छ भारत मिशन के तहत चल रहे ओडीएफ अभियान में गांव मुबारकपुर मिसाल बन गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात में गांव मुबारकपुर का जिक्र किया तो सब हतप्रभ रह गए। ग्रामीणों ने सरकारी धन को वापस करके खुद शौचालय बनवाकर इस गांव ने नई मिसाल कायम की है। प्रधानमंत्री ने मन की बात में मुबारकपुर गांव को शामिल करके जिले के लोगों को ईद का बड़ा तोहफा दिया है। गांव के लोग फूले नहीं समा रहे हैं और गदगद हैं।
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जिले के हल्दौर ब्लॉक के मुबारकपुर गांव में चार हजार की आबादी है। 661 परिवार गांव में रहते हैं। गांव मुस्लिम बहुल है। गांव में 146 इज्जतघर/शौचालय हैं। देश भर में चल रहे ओडीएफ अभियान के तहत मुबारकपुर गांव में शौचालय बनाने के लिए 17 लाख 56 हजार रुपये दिए गए थे। 27 मई 2017 को गांव को ओडीएफ बनाने का अभियान शुरू किया गया था। ग्राम प्रधान किश्वर जहां ने प्रशासन को गांव में शौचालय बनवाने के लिए मिला धन लौटा दिया। प्रधान ने गांव वालों की इस मामले को लेकर बैठक की। ग्रामीणों ने खुद ही शौचालय बनवाने की कसम खाई और इस काम को करने में जुट गए। ग्रामीणों ने रमजान के पहले दिन शपथ ली कि पूरे रमजान में गांव को खुले में शौचमुक्त कराकर दम लेंगे। जिनके यहां शौचालय नहीं हैं, वहां गांव वाले आपसी सहयोग से शौचालय बनवाएंगे। ग्रामीणों ने यह काम पूरा कर दिखाया है। जिनके यहां शौचालय नहीं बने थे, उनके यहां शौचालय बनवाए। शौचालय बनवाने में सभी एक दूसरे का सहयोग करने में जुटे रहे। अब गांव में आलम यह है कि कोई घर ऐसा नहीं बचा जहां शौचालय नहीं है। रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में रमजान व ईद की शुभ कामनाओं के साथ शौचमुक्त हुए मुबारकपुर गांव का जिक्र किया तो अफसरों से लेकर गांव वाले तक आश्चर्यचकित रह गए। किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कभी मुबारकपुर गांव का जिक्र करेंगे।
प्रधानमंत्री ने गांव वालों को शुभकामनाएं दी
रेडियो सुनते मुबारकपुर गांव में
प्रधानमंत्री ने मन की बात में बाकी गांव वालों को भी गांव मुबारकपुर की तरह खुले में शौचमुक्त होने की नसीहत दी है। प्रधानमंत्री ने मुबारकपुर के मुस्लिमों को रमजान के पवित्र महीने में इतना बड़ा काम करने पर शुभकामनाएं दी। कहा कि रमजान के महीने में मुबारकपुर की बड़ी प्रेरक घटना उनके सामने आई है। छोटे से गांव में मुस्लिम परिवार बसते है। मुस्लिमों ने सरकार को शौचालय बनाने की रकम वापस कर दी और कहा कि वह खुद अपने पैसे से इसे बनवाएंगे। उन्होंने खुद शौचालय बनवाए। मन की बात में प्रधानमंत्री के मुबारकपुर गांव का जिक्र करने से ग्रामीण गदगद हैं और फूले नहीं समा रहे हैं। गांव में कई जगह चौपाल लगाकर ग्रामीण आपस में इस बात का ही जिक्र कर रहे थे। रमजान के आखिरी दिन हर किसी ग्रामीण की जुबान पर यही मुद्दा है। गांव में हर जगह इसी की चर्चा हो रही है। ग्राम प्रधान किश्वर जहां के आवास पर तो ग्रामीण डेरा जमाए पड़े हैं।
पूर्व प्रधान ने 16 साल पहले जलाई थी ओडीएफ की अलख
मुबारकपुर गांव के हर घर में बने शौचालय
स्वच्छ भारत मिशन के तहत चल रहे ओडीएफ अभियान में भले ही गांवों को खुले में शौचमुक्त बनाने की कवायद चल रही है, पर पूर्व ग्राम प्रधान कफीलुद्दीन ने 16 साल पहले ही गांव को खुले में शौचमुक्त कराने का बीड़ा उठा लिया था। उनकी यह मेहनत रंग लाई। उनकी पुत्रवधु प्रधान किश्वर जहां भी इस काम में जुट गई और गांव को खुले में शौचमुक्त कराकर ही दम लिया। 2001 में प्रधान किश्वर जहां के ससुर कफीलुद्दीन प्रधान बने। उन्होंने इस बात का बीड़ा उठाया कि महिलाओं को जंगल में शौच के लिए नहीं जाने देंगे। इसके लिए चाहे उन्हें कुछ भी करना पड़े। उन्होंने ग्रामीणों की बैठक बुलाकर उन्हें घरों में शौचालय बनाने के लिए प्रेरित किया। उनकी मेहनत रंग लाई। ग्रामीण खुद तत्कालीन प्रधान के सहयोग से अपने घरों में शौचालय बनवाने लगे। पूर्व प्रधान कफीलुद्दीन 2010 तक दो बार ग्राम प्रधान रहे। कफीलुद्दीन व उनकी पुत्रवधू ग्राम प्रधान किश्वर जहां की मानें तो ओडीएफ अभियान से पहले ही 80 प्रतिशत गांव में खुले में शौच से मुक्त हो गया था। बाकी 20 प्रतिशत गांव को अब खुले में शौच से मुक्त करा दिया गया है। गांव का कोई भी पुरूष या महिला जंगल में शौच के लिए नहीं जाते।
डीएम वीके आनंद की मेहनत लाई रंग
ग्राम प्रधान किश्वर जहां
ओडीएफ अभियान के तहत गांव को खुले में शौचमुक्त कराने का अभियान चलते ही अफसर भी हरकत में आए हैं। जिले के तत्कालीन डीएम वीके आनंद ने ओडीएफ अभियान को खूब हवा दी। उन्होंने गांवों में मुनादी कराकर जंगल में शौच के लिए जाने वालों को रोकने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित किया। इतना ही नहीं जो खुले में शौच के लिए जाता मिला, उनके चालान भी कराए। ग्रामीणों के साथ अफसरों की टीम सुबह चार बजे हाथ में डंडा व टॉर्च लेकर गांवों में पहुंच जाती थी। उनके ट्रांसफर के बाद सीडीओ डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने खुद कमान संभालकर इस अभियान के लिए टीम तैयार की और डीएम वीके आनंद के अभियान को नहीं रूकने दिया। उनकी मेहनत रंग लाई और मुबारकपुर गांव को पूरी तरह शौचमुक्त करा दिया।
मुबारकपुर गांव को शौचमुक्त कराने में सेक्रेट्री कपिल कुमार की भी बड़ी भूमिका रही है। कपिल ने घर-घर जाकर ग्रामीणों को समझाया कि वे अपने घरों में शौचालय बनवाएं। ग्राम प्रधान के साथ कपिल भी इस काम में पूरी तरह जुटे रहे।
आगे भी जारी रहेंगे ऐसे काम: ग्राम प्रधान
ग्राम प्रधान किश्वर जहां के मुताबिक उन्होंने गांव में आए सरकारी धन को वापस करा दिया। खुद गांव को खुले से शौचमुक्त कराने की ठानी। सभी के सहयोग से गांव को शौचमुक्त किया गया है। आगे भी जरूरत पड़ी तो वह इस काम को करेंगी। मन की बात में प्रधानमंत्री के गांव का जिक्र करने पर उन्होंने प्रधानमंत्री का तहे दिल से शुक्रिया अदा किया। ग्रामीण मोहम्मद वकील, मोहम्मद शकील, नौशाद, अरशा आजम, इस्लामुद्दीन भी प्रधानमंत्री का शुक्रिया अदा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गांव में कोई घर ऐसा नहीं बचा जहां शौचालय न हो।
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