- सिख समागम के दूसरे दिन संगत ने सुना गुरबाणी का संदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। क्षेत्र के गांव सराय खादर स्थित गुरुद्वारा सिंह सभा खारो वाला में चल रहे चार दिवसीय सालाना सिख समागम के दूसरे दिन बड़ी संख्या में संगत पहुंची। गुरुद्वारा साहिब में आयोजित धार्मिक समागम में श्रद्धालुओं ने गुरबाणी विचार का श्रवण कर आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्राप्त किया। कार्यक्रम के दौरान संगत ने गुरुमत, सिख इतिहास और जीवनशैली से जुड़े संदेशों को श्रद्धापूर्वक सुना।
समागम में पंजाब के अलहौर साहिब से पधारे संत बाबा कश्मीरा सिंह ने संगत को संबोधित करते हुए गुरु साहिबानों की शिक्षाओं पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सिख धर्म केवल एक धर्म नहीं बल्कि एक अनुशासित जीवन पद्धति है जो सत्य, सेवा और परोपकार का मार्ग दिखाती है। गुरुओं की वाणी मनुष्य को सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है और जीवन में सदाचार अपनाने की सीख देती है।
उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति गुरु वाणी को अपने जीवन में उतार लेता है, उसका जीवन सुख, शांति और संतोष से भर जाता है। आज के समय में मनुष्य भौतिक सुख-सुविधाओं की दौड़ में आध्यात्मिक मूल्यों से दूर होता जा रहा है। ऐसे में गुरु वाणी मनुष्य को सच्चाई, सेवा और भाईचारे का संदेश देती है।
संत बाबा कश्मीरा सिंह ने सिख इतिहास का उल्लेख करते हुए बताया कि गुरु साहिबानों और सिख गुरुओं ने सदैव अन्याय के खिलाफ खड़े होकर मानवता की रक्षा की। इसी कारण सिख धर्म में बहादुरी, सेवा और समर्पण की परंपरा का विशेष महत्व है।
समागम के दौरान बड़ी संख्या में संगत ने पहुंचकर गुरुवाणी का श्रवण किया। गुरुद्वारा परिसर में अटूट लंगर की सेवा भी चलती रही, जिसमें संगत ने श्रद्धापूर्वक प्रसाद ग्रहण किया। आयोजकों के अनुसार समागम के दौरान लगातार विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में संगत ने विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से सेवा कार्य किए।
सिख समागम में मौजूद संगत स्रोत संवाद