बच्चियों को जन्म देने वाली महिला
- फोटो : अमर उजाला
देवीराम का कहना कि पुत्र की चाहत में उसके बेटियां हो गईं। गरीबी की हालत में बच्चियों का पालन पोषण करने में परेशानी का सामना करना पड़ता। पिंकी की सास कौशल ने बताया कि उम्मीद थी कि दो बेटियों के बाद भगवान शायद बेटे दे दे। गर्भवती होने के बाद से बहू का इलाज चल रहा है। उसका पेट सामान्य से बड़ा होता जा रहा था। करीब एक माह पहले अल्ट्रासाउंड में डॉक्टर ने रिपोर्ट के आधार पर बताया कि पेट में चार बच्चे हैं।
घंटेभर नहीं मिला उपचार
लोगों का आरोप है कि बच्चियों के उपचार पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। अगर समय पर बच्चियों को उपचार दिया जाता तो उनकी हालत नहीं बिगड़ती। महिला के पांच बच्चियां होने पर लोगों की भीड़ क्लीनिक पर जमा हो गई। यह देखकर महिला चिकित्सक क्लीनिक छोड़ कर चली गईं।
निजी अस्पताल किया रेफर
महिला चिकित्सक डा. शशी शर्मा ने बताया कि पैदा होने के बाद बच्चियां हाथ, पैर चला रही थीं। लेकिन बच्चियों का स्वास्थ्य ठीक नहीं था। वह कमजोर थीं। परिजनों से बच्चियों का मेरठ के निजी अस्पताल में उपचार कराने के लिए कहा था। लेकिन वह बच्चियों को निजी अस्पताल नहीं ले गए।
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