बिजनौर। कुत्तों का वफादार जीव समझा जाता रहा है मगर समय के साथ इनके व्यवहार में बदलाव आया और खुंखार हो गए। इन आवारा कुत्तों से निजात दिलाने के लिए बिजनौर पालिका ने खाका तैयार किया है। बाकायदा प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कुत्तों के लिए शेल्टर होम बनाने के आदेश दिए है। हालांकि यह आदेश बिजनौर पर लागू नहीं होते मगर इससे पहले ही बिजनौर पालिका ने दूरदर्शिता के लिहाज से प्रस्ताव तैयार कर लिया था। मुख्यमंत्री वैश्विक नगर उदय योजना के तहत प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। जिसमें 80 लाख रुपये की लागत से शेल्टर होम बनाने का जिक्र है।
शेल्टर होम बनाने के धोबी घाट के पास जमीन भी चिन्हित कर ली है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही शेल्टर होम का निर्माण चालू कर दिया जाएगा। जिसमें शहर में घूमने वाले आवारा कुत्तों को पकड़कर रखा जाएगा। बता दें कि इससे पहले पालिका ने शहर के कुत्तों की गणना भी कराई है। साथ ही 1200 कुत्तों की नसबंदी भी कराई जा चुकी है।