जलीलपुर में बाढ़ के पानी में डगमगाई साइकिल को कंधे पर लादकर ले जाता किसान
जलीलपुर/भागूवाला। मंगलवार को गांव मुजफ्फरपुर खादर का एक परिवार पानी में बहते हुए मुश्किल से बचा। गांव मुजफ्फरपुर खादर निवासी जयपाल सिंह पत्नी बबीता, बेटे कार्तिक और बेटी रीता को बुग्गी पर लेकर खेत से चारा लेने जा रहे थे।
गांव से मीरापुर खादर की ओर वाले रास्ते पर पहुंचने पर पानी के तेज बहाव में बुग्गी तिरछी हो गई। बुग्गी पर सवार पूरा परिवार पानी में गिर गया। जयपाल सिंह तो संभल गए। बहते हुए पत्नी और बच्चों ने साहस दिखाते हुए रास्ते में एक पेड़ को पकड़ लिया। जयपाल ने शोर मचाया तो अन्य लोग आ गए और सभी को मुश्किल से पानी के बीच से निकाला।
n पानी के बहाव में साइकिल सवार बहने से बचा : जलीलपुर। मंगलवार को दत्तियाना निवासी छोटन सिंह गांव खानपुर खादर के बाजार से जरूरी सामान लेकर साइकिल से आ रहे थेे। मेहती नदी का पुल पार कर जब दत्तियाना की ओर चले तो सड़क पर पानी के तेज बहाव में साइकिल डगमगा गई। वह बहते बहते बचे। बुजुर्ग जैसे तैसे कर संभले और उन्होंने बाद में साइकिल को कंधे पर लादा और पानी के बहाव को पार किया।
n कोटावाली नदी से कटान में फसल हुई नष्ट : भागूवाला। भारी बारिश से कोटावाली नदी का जलस्तर बढ़ा और नदी ने गांव सबलगढ़ की कृषि भूमि का कटान कर दिया।
मौसम सामान्य होने पर किसान अपने खेतों पर पहुंचे तो उनकी कई बीघा फसल नदी के पानी से बर्बाद हो चुकी थी। सबलगढ़ में किसान अकबर, सरफराज, अख्तर आदि किसानों की कृषि भूमि का कटान हुआ। वहीं गांव रामपुर चाठा में कोटावाली नदी के जलस्तर से कृषि भूमि प्रभावित नहीं हुई। यहां प्रशासन द्वारा बनाए गए तटबंध कटान रोकने के लिए कारगार साबित हुए।
उधर, मंडावली के शेखूपुरा आलम-लाहककला संपर्क मार्ग पर मालन नदी का पानी आने से आस-पास के फसलें जलमग्न हो गई। खेतों में जलभराव रहने से किसानों की गन्ने और चारे की फसल बर्बाद होने की कगार पर है।
जलीलपुर में बाढ़ के पानी में डगमगाई साइकिल को कंधे पर लादकर ले जाता किसान