मेरठ। तमाम दावों के बावजूद मंडल की शुगर मिलें जहां गन्ना मूल्य भुगतान करने में किसानों को खून के आंसू रुला रही हैं वहीं गन्ना पेराई भी पूरी क्षमता से नहीं कर रही हैं। कुछ शुगर मिलों को छोड़कर अन्य कोई भी मिल 90 फीसदी क्षमता से गन्ना नहीं पेर रही हैं। तय क्षमता से कम पेराई करने पर गन्ना खरीद में तेजी नहीं आ पा रही है। गर्मी की आहट शुरू होते ही खेतों में खड़े गन्ने को देखकर किसानों की पेशानी पर बल पड़ने लगा है। चालू सत्र में बुधवार तक मंडल की शुगर मिलों का पेराई औसत 82 फीसदी रिकार्ड किया गया है।
क्षेत्र में गन्ने की बहुतायत को देखते हुए गन्ना विभाग ने सभी शुगर मिलों की गन्ना पेराई की प्लांट यूटिलाइजेशन 90 फीसदी तय की है। यानि मिल को क्षमता के सापेक्ष रोजाना 90 फीसदी से ज्यादा गन्ना पेराई करना होगा। हालांकि मंडल की दौराला, सकौती, मोहिउद्दीनपुर, बागपत, अनूपशहर आदि मिल ही मानक क्षमता से पेराई कर रही हैं या उसके आसपास हैं। बाकी अन्य दस शुगर मिलों की हालत खराब है। क्षमता से कम गन्ना खरीद और पेराई का असर किसानों पर पड़ रहा है। गन्ना किसान इंडेंट बढ़वाने और गन्ना खरीद तेजी से कराने की लगातार मांग कर रहे हैं। दूसरी तरफ गर्मी का पारा बढ़ने और खेतों में गन्ना खड़ा होने ये किसानों की चिंता और बढ़ गई है।
मंडलायुक्त ने भी लगाई फटकार
गन्ना समीक्षा बैठक में मंगलवार को मंडलायुक्त ने उन सभी शुगर मिलों को कड़ी फटकार लगाई जो 90 फीसदी से ज्यादा क्षमता से पेराई नहीं कर रही हैं। उन्होंने उप गन्ना आयुक्त राजेश मिश्र को ऐसी शुगर मिलों पर दबाव बनाकर ज्यादा पेराई कराने के निर्देश दिए हैं। जिससे किसानों का गन्ना निश्चित कैलेंडर समय के अंदर लिया जा सके। उन्होंने खेतों में गन्ना रहने तक शुगर मिलों को हर हाल में चलाने के भी निर्देश दिए हैं।
ये है गन्ना पेराई औसत क्षमता की हकीकत
शुगर मिल का नाम कैपेसिटी यूटिलाइजेशन (फीसदी में)
मवाना 78
किनौनी 82
मोदीनगर 85
सिंभावली 78
बृजनाथपुर 75
साबितगढ़ 82
अगौता 78
बुलंदशहर 58
नोट: आंकड़े 4 मार्च तक के हैं और गन्ना भवन से लिए गए हैं।
क्या बोले अधिकारी
सभी शुगर मिलों को क्षमता के सापेक्ष 90 फीसदी से ज्यादा क्षमता पर पेराई करने के निर्देश दिए हैं। जो मिलें निर्देशों का पालन नहीं कर रही हैं उन्हें नोटिस दिया गया है। -राजेश मिश्र, उप गन्ना आयुक्त मेरठ परिक्षेत्र