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Meerut News: गंगा का जल स्तर 2 लाख क्यूसेक पर पहुंचा

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गंगा के जलस्तर को देखने के लिए पहुंचे ग्रामीण स्रोत संवाद
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- तटबंध की निगरानी में लगा सिंचाई विभाग
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संवाद न्यूज एजेंसी

हस्तिनापुर (मेरठ)। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर गंगा के जलस्तर पर लगातार दिखाई दे रहा है। शुक्रवार को भी गंगा के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई। बिजनौर बैराज से 1.70 लाख क्यूसेक से पानी बढ़कर शाम 7:00 बजे तक करीब 2 लाख क्यूसेक पर पहुंच गया। जिससे हस्तिनापुर खादर क्षेत्र के निचले इलाकों में गंगा का पानी खेतों तक पहुंचने लगा है। तटबंधों के आसपास रहने वाले ग्रामीण भी हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

बुधवार से शुरू हुई जलस्तर बढ़ने की रफ्तार लगातार तीसरे दिन भी जारी रही। शुक्रवार को 220 केवी हाईटेंशन लाइन के टावर गंगा की तेज धारा में क्षतिग्रस्त होने की घटना के बाद प्रशासन और सिंचाई विभाग पूरी तरह सतर्क नजर आया। शासन और प्रशासन के अधिकारियों ने तटबंधों का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया, जबकि सिंचाई विभाग की टीमें पूरे दिन संवेदनशील स्थानों पर निगरानी करती रहीं।
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बिजनौर बैराज पर तैनात अवर अभियंता घनश्याम दास ने बताया कि यदि पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहा तो जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है। इसे देखते हुए विभाग ने तटबंधों की निगरानी बढ़ा दी है। खादर क्षेत्र के रठौरा खुर्द, हरिपुर, दबखेड़ी, सिरजोपुर सहित कई गांवों के ग्रामीण भी तटबंधों पर पहुंचकर गंगा की स्थिति का जायजा लेते रहे। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों के खेतों में अधिक पानी भर गया है और फसलों को नुकसान होने लगा है। बारिश के पानी से जंगल पहले ही पूरी तरह भरे हुए हैं किसानों को पशुओं के लिए चारा जुटाने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सिंचाई विभाग के एक्सईएन प्रमोद कुमार ने बताया कि फिलहाल तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है। तटबंध की क्षमता से अभी बहुत कम पानी है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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इन गांव के जंगलों में भरा पानी

खादर क्षेत्र में बारिश और गंगा से बाहर निकल कर गांव दूधली, बस्तोरा नारंग, भीकुंड, हादीपुर गावड़ी, किशनपुर आदि के जंगल में पानी भर गया है।

गंगा के जलस्तर को देखने के लिए पहुंचे ग्रामीण स्रोत संवाद

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