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दूसरे राज्यों से चुराते थे वाहन, दस बाइक, कैंटर सहित कई वाहन बरामद, एक बदमाश भी दबोचा

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पुलिस द्वारा पकड़ा गया अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह का बदमाश और बरामद वाहन। - फोटो : MAWANA
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हस्तिनापुर(मेरठ)। पुलिस ने एक बदमाश को गिरफ्तार कर अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह का खुलासा कर दिया। पुलिस ने बदमाश की निशानदेही पर कैंटर, बाइकें समेत दर्जनों वाहन बरामद कर लिए। गिरोह में शामिल अन्य दो बदमाशों की तलाश में पुलिस की टीम लगाई गई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
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हस्तिनापुर थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि मुखबिर की सूचना पर पुलिस मध्य गंगनहर पुल के समीप चेकिंग कर रही थी। इस दौरान कस्बे की शकुंतला कॉलोनी निवासी सोनू पुत्र नरेश बाइक से पहुंचा। पुलिस ने उसे रोककर तलाशी ली तो उसके पास से तमंचा, एक कारतूस बरामद हुआ। जांच में उसकी बाइक चोरी की निकली। पुलिस बदमाश को थाने ले आई। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो सोनू ने बताया कि उसके गिरोह में तीन लोग हैं। वे दूसरे राज्यों और जिलों में जाकर वाहन चोरी करते हैं। थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह ने सोनू की निशानदेही पर उसके घर से एक कैंटर, दो बोलेरो, तीन बाइक और बाइक का इंजन बरामद कर लिया। इसके बाद पुलिस सोनू के साथी जलालपुर जोरा गांव निवासी सचिन पुत्र सतवीर के घर पहुंची। पुलिस ने यहां से 6 बाइकें बरामदगी कीं। सोनू ने बताया कि उसकी कॉलोनी का संदीप पुत्र नरेश भी उनके साथ है। इस संबंध में सीओ बृजेश सिंह ने बताया कि गिरोह के सचिन और संदीप अभी फरार चल रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए टीम लगाई गई हैं। पूछताछ में बदमाश सोनू ने बताया कि उनका गिरोह दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मेरठ, नोएडा आदि जगह से वाहन चोरी करता था। यहां लाकर इन वाहनों को बेच देते थे। पुलिस ने आरोपी को सोनू को जेल भेज दिया।
किराए पर चलाते थे वाहन
सीओ बृजेश सिंह ने बताया कि गिरफ्तार बदमाश सोनू ने पूछताछ में बताया कि वे वाहन चोरी कर कस्बे में लाते थे। बड़े वाहनों को किराए पर चलाते थे, जबकि बाइकों को आसपास के क्षेत्र में बेच देते थे। वहीं हस्तिनापुर थाना पुलिस द्वारा गिरोह का खुलासा करने पर एसएसपी अजय साहनी ने इनाम की घोषणा की है। थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि चोरी किए गए इन वाहनों के नंबर ट्रेस कर जानकारी जुटाकर वाहन मालिकों को सूचना दी गई है।
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दोनों बोलेरो पर था एक ही नंबर
पुलिस ने जांच की तो दोनों बोलेरो पर एक जैसा ही नंबर मिला। साथ ही लॉकडाउन में खाद्य सामग्री की आपूर्ति के लिए आवश्यक खाद्य सामग्री की सप्लाई की परमिशन का कार्ड लगा हुआ था।
ये रहे टीम में शामिल
थाना प्रभारी धमेंद्र सिंह, उप निरीक्षण प्रवेंद्र कुमार, हरीश चंद, हेड कांस्टेबल बदन सिंह, कांस्टेबल रामेंद्र सिंह, सतीश, विपिन, सुरेंद्र, रविंद्र मावी, रविंद्र कुमार आदि शामिल रहे।
...और कैंटर मिलते ही छलक पड़े आंसू
हस्तिनापुर। पुलिस वाहन चोर गिरोह से पूछताछ कर रही थी, तभी एक व्यक्ति थाने पहुंचा और हाथ जोड़कर पुलिस से अपना चोरी हुआ कैंटर दिखाने को कहा। पुलिस ने उसे थाने में खड़ा कैंटर दिखाया तो व्यक्ति के आंखों से आंसू छलक पड़े। पीड़ित ने बताया कि 14 दिन पहले महाराजगंज से उसका कैंटर चोरी हुआ था। पुलिस की सूचना मिलते ही 28 घंटे का सफर तय कर वह थाने पहुंचा था। उसने कैंटर बरामद करने पर पुलिस को शुक्रिया अदा किया।
महाराजगंज जिले चंद्रशेखर पुत्र हरिलाल ने बताया कि वह परिवार का पालन पोषण करने के लिए ड्राइवरी करता था। कुछ रुपये जोड़कर और व्यापारियों से ब्याज पर लेकर उसने 7 जुलाई को पुराना आयशर कैंटर सात लाख रुपये में खरीदा था। शाम को घर के बाहर हनुमान मंदिर के पास कैंटर खड़ा कर देता है। 14 जुलाई की रात कैंटर चोरी हो गया। उसने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। इस बीच वह भोलेनाथ की पूजा अर्चना भी करता रहा। 21 जुलाई की रात थाना पुलिस का फोन उसके पास पहुंचा कि आपकी गाड़ी बरामद हो चुकी है और हस्तिनापुर थाने से इसे ले जा सकते हैं। इसके बाद वह 28 घंटे के सफर कर हस्तिनापुर पहुंचा। उसने कहा कि पुलिस ने उसे और उसके परिवार को बर्बाद होने से बचा लिया।
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